बच्ची की मौत
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वह करीब आधा किमी चले तो उनको ई-रिक्शा मिल गया और वह आयशा को ई-रिक्शा में बैठाकर महिला अस्पताल पहुंचे। आयशा की जेठानी गुलनाज, गुलशन व फरीदा का आरोप है कि उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया, लेकिन वहां उपचार के लिए कोई डॉक्टर नहीं थी। जहां आयशा को प्रसव हो गया और उसने एक बच्ची को जन्म दिया।
बच्ची की हालत खराब थी तो वह डॉक्टर को जल्दी बुलवाने के लिए अस्पताल में दौड़ते रहे। आरोप है कि वहां काफी देर तक कोई डॉक्टर नहीं पहुंची और बच्ची की मौत हो गई। इसपर आयशा के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने इस मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।