गंगा की शांत लहरों के बीच अचानक उठी चीख-पुकार ने मखदुमपुर गंगा घाट का सन्नाटा तोड़ दिया। कुछ ही पलों में खुशी से भरी एक शाम मातम में बदल गई। चार किशोर नदी की तेज धारा में समा गए और पीछे रह गईं उनके परिजनों की सिसकियां, उम्मीद और इंतजार। घटना के बाद प्रशासन से लेकर एनडीआरएफ तक ने कई किलोमीटर तक सर्च अभियान चलाया, लेकिन हर गुजरते पल के साथ बेचैनी बढ़ती चली गई।