शामली में स्थित मस्जिद
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पुलिस अफसरों के मुताबिक तीनों भाइयों का परिवार काफी संपन्न है। पिता का म्यांमार में बिजनेस है। इन युवकों के एक भाई और एक बहन ओर है। अफसरों को ये बात चौंका रही है कि ये लोग इतने ही धनवान है तो जलालाबाद के मदरसे में आकर क्यों पढ़ रहे थे, पहचान क्यों छिपाई, सरकार से अनुमति लेने के बाद। किसी बड़े शहर या बड़े मदरसे में भी तालीम हासिल की जा सकती थी, इनके परिवार का 2013 से 2018 तक थाईलैंड में आना जाना लगा रहा। थाईलैंड में रहकर उन्होंने क्या किया? इसकी जानकारी अभी नहीं मिली है।