मुजफ्फरनगर के हबीबपुर जान गंवाने वाले इस्लामुद्दीन और चार बच्चों की मौत का मुख्य कारण शरीर से अत्यधिक रक्तस्राव होना रहा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि मकान की छत गिरने से परिवार के सभी पांचों सदस्यों के सिर की हड्डियां टूट गई थीं।
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muzaffarnagar house collapse
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना के हबीबपुर सीकरी गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि हादसे में घायल दोनों बहनों सुमैया (9) और रुकैया (7) घायल हो गईं। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया, फिलहाल उनकी हालत में सुधार हुआ है। मंगलवार को दोनों को स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय से छुट्टी दे दी गई। तीमारदार दोनों को घर लेकर पहुंचे। गांव में गम का माहौल है।
जिला चिकित्सालय में साथ रह रही उनकी बुआ दोनों बहनों को लेकर गांव पहुंच गई। दोनों बहनों को सिर में चोट आई थी। सोमवार को उनका सीटी स्कैन कराया गया। मंगलवार सुबह दोनों की हालत में सुधार रहा। सीएमएस डॉ. संजय वर्मा ने बताया कि रिपोर्ट सामान्य आने पर दोनों बहनों को आवश्यक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पारिवारिक सदस्य नईम कस्सार ने बताया कि दोनों बच्चियों को लेकर गांव पहुंच गया है।
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हादसे में घायल बच्चे अस्पताल में भर्ती
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिवार के पांचों सदस्यों की टूटीं सिर की हड्डियां...खून बहने से मौत
हबीबपुर के हादसे में जान गंवाने वाले इस्लामुद्दीन और चार बच्चों की मौत का मुख्य कारण शरीर से अत्यधिक रक्तस्राव होना रहा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि मकान की छत गिरने से परिवार के सभी पांचों सदस्यों के सिर की हड्डियां टूट गई थीं। पेट पर कोई भारी वस्तु गिरने से भाई-बहन का जिगर भी फट गया।
रविवार रात गांव हबीबपुर सीकरी में हुए हादसे में परिवार के मुखिया इस्लामुद्दीन सहित उसके चार बच्चों की भी गंभीर घायल होने से मौत हो गई। सुबह जानसठ सीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. नदीम ने सभी शव का पोस्टमार्टम किया।
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शव गांव में आने पर लगी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
चारों बच्चों के शरीर पर मिले गहरे घाव
इस्लामुद्दीन के एक साल के पुत्र जीशान से लेकर बेटी रुखसार के शरीर पर पर गहरे घाव पाए गए। जीशान और रुखसार के सिर की हड्डी अलग-अलग दो स्थानों पर टूटी पाई गई। सात वर्षीय अलशिफा के चेहरे पर दाईं साइड में नीचे जबड़े तक गहरी चोट मिली।
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अस्पताल में भर्ती मासूम।
- फोटो : अमर उजाला
मौत के सवाल का भाईचारे से दिया जवाब
हबीबपुर सीकरी...यहां रविवार रात जिंदगी और मौत के बीच कईं घंटे चली जद्दोजहद का जवाब गांव ने भाईचारे के साथ दिया। इस्लामुद्दीन का परिवार मलबे में दबा तो प्रजापति समाज के लोग बचाने के लिए सबसे पहले पहुंच गए। ग्रामीणों के बीच ना धर्म का फासला रहा और न ही जाति की दीवार बीच में आई।
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मुजफ्फरनगर हादसा।
- फोटो : अमर उजाला
इन्सानियत सबसे ऊपर रखकर भाईचारे से मुसीबत का जवाब दिया गया। कोई गाड़ी लेकर आया, किसी ने जेसीबी मंगाई। किसी के हाथ में फावड़ा था और कोई हाथों से ही मिट्टी हटाकर जद्दोजहद में जुटा रहा। पड़ोसी संजू प्रजापति ने बताया कि पहले तेज बारिश हुई, इसके बाद बूंदाबांदी जारी रही।
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मुजफ्फरनगर हादसा।
- फोटो : अमर उजाला
हम अपने मकान के बाहर बैठे बातें कर रहे थे। धमाका सुना तो गली में पहुंचे...यहां इस्लामू के मकान का अगला हिस्सा मलबे में बदल चुका था। पड़ोसी नरेंद्र ने बताया कि यह भाईचारे की ताकत थी कि मलबे को हटाने में ज्यादा देर नहीं लगी। महिला विमलेश देवी कहती हैं कि गली में सभी परिवार हमेशा ही भाईचारे के साथ रहते हैं।
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जेसीबी से हटवाया मलबा।
- फोटो : अमर उजाला
इस्लामु की तीन शादियां, नौ बच्चे और घर में एक पोती
हादसे में मरने वाला इस्लामु उर्फ इस्लामुद्दीन (59) मूल रूप से गोयला गांव का रहने वाला था। बचपन में ही वह हबीबपुर सीकरी गांव में जाकर रहने लगा। उसकी पहली शादी हसीना के साथ हुई, जिससे उसका बेटा साहिल है। मनमुटाव के बाद हसीना अपने घर चली गई। दूसरी शादी शबनम के साथ हुई।
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मुजफ्फरनगर हादसा।
- फोटो : अमर उजाला
इस शादी से शहजादी, रुखसार और सुमैया का जन्म हुआ। बीमारी के चलते शबनम की मौत हो गई। तीसरी शादी जैबुन के साथ हुई। इस शादी से रुकैया, सुभान, अलसिबा, आहद और जीशान का जन्म हुआ। इस तरह इस्लामुद्दीन की तीन शादियों से नौ बच्चे हुए। सबसे बड़े बेटे साहिल की शादी रजिया के साथ हुई, जिससे बेटी जैनब का जन्म हुआ।
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घायल को अस्पताल ले जाते।
- फोटो : अमर उजाला
क्या था मामला
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में तेज बारिश और हवा के दौरान रविवार की रात फुगाना थाना क्षेत्र के हबीबपुर सीकरी गांव में रात खाना खाते समय कच्चे मकान की छत गिरने से सात लोग मलबे में दब गए। मौके पर पहुंचे लोगों काफी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला और सीएचसी में पहुंचाया। इसमें पिता इस्लाम और उनके चार बच्चों की मौत हो गई थी।
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मुजफ्फरनगर हादसा।
- फोटो : अमर उजाला
इस्लाम (58) मजदूरी करता था। रात को वह अपने छह बच्चों बेटी रुकैया (8) रुखसार (10), अलसीबा (4), सुमैया (7), आहद (5) और एक साल के जीशान के साथ घर में खाना खा रहा था । इसी दौरान पहले मकान की एक दीवार गिरी, फिर छत ढह गई। इससे खाना खा रहा पूरा परिवार मलबे में दब गया।
चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। जेसीबी की मदद से मलबे को हटाया गया। घायलों को निजी वाहनों और एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां इस्लाम, रुखसार, आहद, अलसीबा और जीशान को मृत घोषित कर दिया गया। रुकैया और सुमैया गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।