बागपत के यूनानी चिकित्सक ने खुद को मृत दिखाने के लिए एक युवक को कार में जिंदा जला दिया। उसका मकसद था कि इससे वह लोन के 20 से 25 लाख रुपये चुकाने से बच जाएगा। पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
बागपत निवासी यूनानी डॉक्टर मुबारिक ने कर्ज चुकाने से बचने के लिए खुद को मृत दिखाने की साजिश क्राइम पेट्रोल देखकर रची। उसने एक महीने पहले पुरानी कार खरीदी। इसके बाद अपनी ही कद काठी के एक युवक को ढूंढा। युवक को शराब पिलाकर कार में जिंदा जला दिया।
पूछताछ में हत्यारोपी मुबारिक ने बताया कि छह महीने पहले दो कार और दो बाइक फाइनेंस पर खरीदी थी। पांच लाख रुपये का बीमा और 10 लाख रुपये पर्सनल लोन बैंक से लिया था। जीएसटी भी भरना शुरू कर दिया।
मुबारिक ने सस्ती जमीन दिलाने के लिए अपने पड़ोसी मसूद उर्फ लीलू से नौ लाख रुपये लिए। इसके अलावा अन्य लोगों से भी लाखों रुपये ले लिए। उस पर करीब 20 से 25 लाख रुपये का कर्ज हो गया। अब वह कोई ऐसा तरीका ढूंढने लगा, जिससे उसे कर्ज न चुकाना पड़े। यह तरीका उसे क्राइम पेट्रोल सीरियल से मिल गया।
विज्ञापन
2 of 7
इसी कार में सोनू को जिंदा जलाया गया था
- फोटो : पुलिस
एक महीने पहले डॉक्टर ने खरीदी कार
योजना में कोई चूक न हो इसके लिए उसने एक एपिसोड करीब दस बार देखा। योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए अब उसे एक कार और एक शव की आवश्यकता थी। जिससे वह खुद को मृत साबित कर सके। एक महीने पहले उसने 26 हजार रुपये में पुरानी मारुति 800 कार खरीदी। अब उसे एक शव की तलाश थी, जिसकी कद काठी उससे मिलती जुलती हो। काफी ढूंढने के बाद भी उसे शव नहीं मिला। इस बीच वह अपने बहनोई के कारखाने में पहुंचा। वहां उसने सोनू को देखा जो कद काठी में उसके जैसा ही था। सोनू यमुनानगर से आकर मोहल्ला हबीबगढ़ में रह रहा था। डॉक्टर ने सोनू से दोस्ती कर ली।
विज्ञापन
3 of 7
सोनू का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
कार में पेट्रोल डालकर लगाई आग
22 दिसंबर की शाम उसने सोनू को ढाबे पर बुलाया। वहां से मंडी समिति रोड पर एक ठेके से उसने शराब खरीदी। इसके बाद अपनी पुरानी कार में सोनू को बैठकर बिजोपुरा के पास नहर की पटरी पर गया। वहां दोनों ने शराब पी। इस दौरान सोनू के गिलास में नशे की गोलियां डाल दीं, जिससे वह बेसुध हो गया। डॉक्टर ने उसके गले से चेन निकाल ली। इसके बाद कार में पेट्रोल डालकर आग लगा दी और वहां से भाग निकला, लेकिन अपनी एक गलती की वजह से वह पकड़ा गया।
4 of 7
हत्या का आरोपी मुबारिक
- फोटो : अमर उजाला
ऐसी योजना बनाई कि पुलिस को पता न चले
एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि उसने ऐसा प्लान बनाया कि हत्या का पुलिस को पता न चल सके। कार में युवक को जिंदा जलाने की योजना बनाई। इसके बाद उसने ऐसी जगह तलाश की, जहां न कैमरे हों और न ही लोगों की ज्यादा आवाजाही हो। उसने सोचा कि अगर रात के समय कार में आग लगाई तो लोगों को भनक नहीं लगेगी और काम भी आसानी से हो जाएगा। उसने कई स्थानों की रेकी की। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर हत्यारोपी के बहनोई के कारखाने तक 60 से अधिक सीसीटीवी खंगाले।
विज्ञापन
5 of 7
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
असारा से 20 साल पहले चला गया था मुबारिक
कर्ज चुकाने से बचने के लिए सहारनपुर में युवक को कार में जिंदा जलाने वाला मुबारिक असारा गांव का रहने वाला है, जो बीस साल पहले गांव छोड़कर चला गया था। मुबारिक चार-पांच महीने में गांव में आता था और परिजनों से मिलकर वापस चला जाता था। असारा गांव के शमीम के तीन बेटों में सबसे छोटा बेटा मुबारिक सहारनपुर के हबीबगढ़ में क्लीनिक चलाता था। शमीम भी कई साल पहले मुबारिक के पास जाकर रहने लगा था।
कानपुर की निकली कार
एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि कार का नंबर ट्रैस किया तो वह कानपुर की निकली। कार आठ बार बिक चुकी थी। आठवीं बार हत्यारोपी डॉ. मुबारिक ने खरीदी। उसका मोहल्ला हबीबगढ़ में क्लीनिक है, जो कई वर्षों से चला रहा था। हत्यारोपी अपने पास यूनानी की डिग्री होना बता रहा है।
विज्ञापन
6 of 7
आरोपी के पास से बरामद सामान
- फोटो : अमर उजाला
कर्ज चुकाने से बचने की साजिश, युवक को कार में जिंदा जलाया
बागपत के यूनानी चिकित्सक ने खुद को मृत दिखाने के लिए एक युवक को कार में जिंदा जला दिया। उसका मकसद था कि इससे वह लोन के 20 से 25 लाख रुपये चुकाने से बच जाएगा। पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार को पुलिस लाइन में एसपी सिटी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि 23 दिसंबर को जब्बार अली निवासी बिजोपुरा ने सूचना दी थी कि नहर पुल के पास पटरी पर जली कार के अंदर एक जला हुआ शव पड़ा है।
वहीं, 26 दिसंबर को गुलजार निवासी खानआलमपुरा ने तहरीर देकर बताया था कि उसका भांजा सोनू (31) निवासी पुराना मिद्दा थाना सदर बाजार, जिला यमुनानगर 22 दिसंबर से लापता है। पुलिस पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। शुक्रवार को हत्यारोपी डॉ. मुबारिक घटनास्थल पर यह देखने पहुंच गया कि कार जली है या नहीं। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में उसने बताया कि वह बागपत जिले के असारा गांव का निवासी है और वर्तमान में हबीबगढ़ में रहकर क्लीनिक चला रहा था। पर्सनल लोन, जमीन, कार-बाइक खरीदने से उस पर 20-25 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। कर्ज चुकाने से बचने के लिए उसने यह साजिश रची और पुरानी कार खरीदी।
उसने अपने बहनोई की फैक्टरी में काम करने वाले सोनू से दोस्ती की और उसे शराब पिलाकर नहर पुल की पटरी पर ले जाकर पेट्रोल डालकर जला दिया। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त केन व प्लास्टिक के ग्लव्ज भी बरामद किए हैं।
यह थी योजना
डॉ. मुबारिक की योजना थी कि उसकी मौत साबित हो जाने के बाद उसकी पत्नी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर बीमा के पांच लाख रुपये ले लेती। 10 लाख रुपये का पर्सनल लोन भी माफ हो जाता।