जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या की कई गुत्थियां उलझी हुई है। सवाल है कि आखिर जेल में पिस्तौल कब और कैसे पहुंची। वारदात में क्या अकेला सुनील राठी शामिल था या उसके गैंग के सदस्यों की भी कोई भूमिका है। सुनील राठी कह रहा है कि पिस्तौल मुन्ना बजरंगी की थी, ऐसा है तो फिर राठी ने उसे गटर में क्यों फेंक दिया। एसपी जयप्रकाश का कहना है कि हर बिंदु पर जांच चल रही है।
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Munna Bajrangi
जिला जेल में एंट्री से पहले हर सामान की जांच होती है। हर व्यक्ति को जांच के बाद ही जेल में जाने दिया जाता है। हर आने जाने वाले का हिसाब रखा जाता है। इसके बाद भी फिर से बड़ी चूक हो गई। पिछले महीने ही अधिकारियों ने जेल का निरीक्षण किया था। तब सब सही मिला था और किसी तरह की आपत्तिजनक चीज नहीं मिली।
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मुन्ना बजरंगी की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
सवाल है कि पिस्तौल जिला जेल में कैसे पहुंची। अधिकारियों ने पूछताछ की तो सुनील राठी ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि पिस्तौल मुन्ना बजरंगी लेकर ही पहुंचा। ऐसे में सवाल यह है यदि बजरंगी भी पिस्तौल लेकर पहुंचा तो जेल में एंट्री से पहले चेकिंग क्यों नहीं की गई।
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मुन्ना बजरंगी
- फोटो : self
किसने क्या दिया बयान
हत्या में नामजद सुनील राठी ने कहा कि, बजरंगी ही पिस्तौल लेकर आया था और मेरे ऊपर हमला करने की फिराक में था। मैंने उसी का पिस्तौल छीनकर अपने बचाव में गोली चलाई गई है।
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फाइल फोटो
एसपी बागपत जयप्रकाश ने बताया कि, राठी ने ही गोली चलाई है, वह अपने बचाव में क्या बयान दे रहा है, इसकी तस्दीक की जा रही है। जेलर यूपी सिंह की ओर से सुनील राठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
मुन्ना बजरंगी का भाई सत्यजीत का कहना है कि, राठी गलत बयान दे रहा है। मुन्ना बजरंगी के पास कोई पिस्तौल नहीं थी। पुलिस और जेल प्रशासन कहानी को घुमाने का प्रयास कर रहा है।
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