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खुदा के बंदों ने मुहर्रम पर ऐसे मनाया मातम, ये 7 तस्वीरें नहीं देख पाएंगे आप

Fri, 21 Sep 2018 09:57 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
मेरठ में मुहर्रम की दस तारीख शुक्रवार को हजरत मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन और करबला के शहीदों को बड़े ही गमगीन माहौल में अलविदा कहा गया। हजरत इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों की शहादत को याद करते हुए शहर क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से मातमी जुलूस निकाले गए। सोगवारों ने जंजीरों से मातमपुर्सी कर या हुसैन की सदाओं के बीच छोटी करबला चौड़ा कुआं घंटाघर से जुलूस ए अलम, जुलजुनाह और जुलूस ए ताजिये हसन मुर्तजा के संयोजन में बरामद किए।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
शाम को ताजिये करबला मनसबिया रेलवे रोड पर दफन किए गए। हजारों की संख्या में अमाल अदा किए। मो. हैदर जावेद इमामबारगाह इनायत हुसैन से, सरदार हुसैन मरहूम के अजाखाने कोटला से ताजिये बरामद होकर चौड़ा कुआं से प्रारंभ बड़े जुलूस में शामिल हुए।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
जुलूस में अंजुमन इमामिया के वाजिद अली गप्पू ने अपने नौहों में इमाम हुसैन के हिंदुस्तान ना आने की कसक को यूं बयां किया - करबला जाते ना मौला काश आ जाते यहीं-मुंतजिर सदियों से अब तलक हिंदुस्तान है।

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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
इसके अतिरिक्त जुलूस में दस्ताए हुसैनी के हुमायूं अब्बास ताबिश, इरफान हुसैन, तंजीम ए अब्बास के सफदर अली हिंदुस्तान, अतीक उल हसनैन ने दर्द भरे नौहे पढ़े। जुलूस की व्यवस्था मुहर्रम कमेटी के संयोजक शाह अब्बास सफवी, डॉ. सरदार हुसैन, फखरी जाफरी, बाकर जैदी, तालिब जैदी, अकबर अली, अली हैदर रिजवी, नियाज हुसैन गुड्डू, कौसर रजा, हैदर अब्बास, एडवाकेट फजल हसनैन जैदी आदि ने संभाली। जुलूस करबला मनसबिया पहुंचकर संपन्न हुआ।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले सुबह 8 बजे हसन अली मरहूम के अजाखाने जाहिदियान से अलम हजरत अब्बास और इराक से लाए गए परचम की जियारत ए जुलूस विभिन्न मार्गों से होता हुआ मखदूम शाहविलायत पहुंचा। कर्बला गेट-3 में तबर्रूकात दफन किए गए। हाजी शमशाद अली, यूसुफ अली, सुल्तान हैदर, उरूज जैदी सहित हुसैनी सोगवार शामिल रहे।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
जुलजुनाह बरामद 
जैदी फार्म इमामबारगाह इश्तियाक हुसैन से दोपहर जुलजुनाह, ताजिये का जुलूस बरामद होकर शाह जलाल हॉल, कौमी एकता मार्ग से होता हुआ जैदी सोसायटी करबला पहुंचकर संपन्न हुआ। ताजिये और तबर्रूकात दफन किए। खुर्शीद जैदी ने अपनी तकरीर में हजरत इमाम हुसैन के इंसानियत के पैगाम को अपनाने और एकता पर बल दिया। लोहिया नगर में ताजिये व अलम-ए-मुबारक के बरामद जुलूस में अंजुमन जुल्फिकार-ए-हैदरी ने मातम किया।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
मशाल जुलूस निकाला 
शाहजलाल हॉल सेक्टर-4 शास्त्रीनगर से हुसैनी मिशन की ओर से शाम ए गरीबां की मजलिस में मौलाना सैयद अम्मार हैदर रिजवी की तकरीर कि बाद मशाल जुलूस बरामद हुआ। यह करबला जैदी सोसायटी पहुंचा। जहां रजा नकवी ने नौहेख्वानी की। जुलूस में मासूम रजा, नौशाद अली, मुशीर, अनीस, हैदर अब्बास, सखी हैदर आदि का सहयोग रहा। डॉ. सैयद इकबाल हुसैन सफवी के अजाखाने हुसैनाबाद, छोटी कर्बला, मनसबिया आदि में भी शाम ए गरीबां की मजलिस हुई। जैदी फार्म से अलविदाई जुलजुनाह बरामद हुआ। मुहर्रम कमेटी के अली हैदर रिजवी ने बताया कि गम-ए-हुसैन का सिलसिला 8 रबीउलअव्वल तक जारी रहेगा।

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