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मेरठ हिंसा: तनाव बरकरार, उपद्रवियों की गिरफ्तारी बनी चुनौती, सोशल मीडिया पर पैनी नजर 

Sun, 29 Dec 2019 04:26 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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up police, sp city meerut - फोटो : अमर उजाला
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में लिसाड़ीगेट क्षेत्र में अभी तनाव बरकरार है। यह बात पुलिस प्रशासन भी जानता है। लेकिन उपद्रवियों की गिरफ्तारी करना पुलिस के लिए चुनौती बना है। जुमे की नमाज के बाद भी पुलिस उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देने का साहस नहीं जुटा पा रही। वहीं, अफवाह को देखते हुए पुलिस सोशल मीडिया और संवेदनशील स्थानों पर नजर जमाए है। 
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up police, sp city meerut - फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को जुमे की नमाज सकुशल कराकर पुलिस प्रशासन भले ही अपनी पीठ थपथपा रहा हो। लेकिन अभी लोगों में आक्रोश बना है। कब और कहां लोगों का गुस्सा फूट जाए, कोई नहीं जानता। पुलिस अभी उपद्रव के मामले में सिर्फ 15 लोगों को गिरफ्तार कर पाई है।

पुलिस ने अभी तक 405 उपद्रवियों को चिह्नित किया है। पुलिस का दावा कि 165 उपद्रवियों के नाम पता चल गए हैं, जो सीसीटीवी  की फुटेज, वीडियोग्राफी व फोटो में पत्थर और गोलियां चलाते कैद हुए  हैं। इनमें 165 की गिरफ्तारी होनी तय है। 
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meerut police, up police - फोटो : अमर उजाला
सवाल है कि बवाल के आठ दिन बीतने के बावजूद भी पुलिस उनके घर पर दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार करने का साहस नहीं जुटा पा रही। पुलिस का कहना है कि उनके पास इनपुट है कि अगर दबिश दी तो फिर से उपद्रव हो सकता है।

दबिश से बचने के लिये लिसाड़ीगेट में लोग पहरा तक लगा रहे है। संभ्रांत लोगों से बातचीत कर उपद्रवियों की गिरफ्तारी का प्लान बनाएंगे। हालांकि पुलिस उपद्रवियों के घर की कुर्की वारंट लेने की तैयारी में भी जुट गई है। पुलिस ने कई जगहोें को चिह्नित किया है, जहां से उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जा सकता है।

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RAF, meerut news - फोटो : अमर उजाला
आरएएफ और पीएसी हटाई 
पुलिस ने कोतवाली, लिसाड़ीगेट, ब्रह्मपुरी, हापुड़ रोड और खैरनगर में 17 संवेदनशील स्थान चिह्नित किए थे। जहां पर आरएएफ और पीएसी लगाया था। शनिवार को वहां से फोर्स हटा दी गई।

हालांकि पुलिस का कहना हे कि इन संवेदनशील स्थानों पर पूरी निगाह है। वहां के स्थानीय लोगाें के संपर्क में भी है। दिन में कई बार पुलिस अधिकारियों ने जाकर निरीक्षण भी किया है। 
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लोगों को समझाते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
सोशल मीडिया पर पैनी नजर 
आईजी रेंज आलोक सिंह के मुताबिक सीएए के खिलाफ अफवाह फैलाकर लोगोें को भड़काया जा रहा है। इसको देखते सोशल मीडिया पर नजर है। 20 दिसंबर के बाद से कई फेसबुक, यूट्यूब और ट्यूटर से कई भड़काऊ वीडियो व पोस्ट डिलीट की है। पुलिस टीम लगातार इस पर नजर लगाए है, ताकि फिर से बखेड़ा न हो जाए।
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