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पुलिस नहीं जुटा पा रही हिम्मत, कैसे हो उपद्रवियों की गिरफ्तारी,165 पर होगा इनाम, वारंट की तैयारी

Mon, 30 Dec 2019 03:47 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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Meerut Violence - फोटो : अमर उजाला
मेरठ में 20 दिसंबर को हुए उपद्रव में पुलिस उपद्रवियों की गिरफ्तारी से हाथ खींचती दिखाई दे रही है। घटना के दसवें दिन भी मुख्य उपद्रवी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े। पुलिस 165 उपद्रवियों पर इनाम घोषित करने के साथ उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट लेने की तैयारी में है।

 
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Meerut Violence - फोटो : अमर उजाला
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ बवाल हापुड़ रोड और लिसाड़ी गेट क्षेत्र में सबसे ज्यादा हुआ था। जिसमें अब तक 19 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें 180 से ज्यादा आरोपी नामजद और 5500 से ज्यादा अज्ञात आरोपी बनाए गए। पुलिस इस उपद्रव में अभी तक 15 लोगों को ही  गिरफ्तार कर पाई है। 

405 उपद्रवियों को चिह्नित किया जा चुका है, जिनमें से 165 उपद्रवियों की पहचान हो चुकी है, जो सीसीटीवी फुटेज, वीडियो व फोटो में पत्थर और गोलियां चलाते कैद हुए हैं। इन सभी 165 आरोपियों के नाम पते पुलिस ने मुकदमों में शामिल कर लिए हैं। लेकिन पुलिस उनके घरों पर दबिश देने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है।
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Meerut Violence, car - फोटो : अमर उजाला
पुलिस का कहना है कि उनके पास इनपुट है कि अगर दबिश दी तो फिर से उपद्रव हो सकता है। लिसाड़ीगेट क्षेत्र के कई ऐसे स्थान हैं जहां कभी भी पुलिस पर पथराव या फायरिंग हो सकती है। पुलिस मान रही है कि जिन वांछित के फोटो सामने आए हैं वह अपने घर छोड़कर फरार हैं। शहर में हापुड़ अड्डा, एल ब्लॉक तिराहा, भूमिया पुल, लिसाड़ी रोड और जाकिर कालोनी पुलिस चौकी पर पुलिस फोर्स तैनात है। 

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Meerut Violence - फोटो : अमर उजाला
एसआईटी के प्रभारी ने की समीक्षा
इस उपद्रव की जांच के लिए स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) गठित की गई है, जिसके प्रभारी एसपी क्राइम रामअर्ज ने रविवार को एसआईटी के सदस्य  सीओ सिविल लाइन हरिमोहन सिंह और सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला के साथ अभी तक की कार्रवाई की समीक्षा की।

एसपी क्राइम ने सीओ, थाना और चौकी प्रभारियों के साथ भी बैठक कर निर्देश दिए हैं कि उपद्रव से संबंधित जो भी केस दर्ज हुए हैं उनमें विवेचना में तेजी लाएं। जो नामजद आरोपी फरार हैं, उन पर जल्द ही इनाम घोषित कराया जाए। उसके बाद पुलिस कोर्ट से उनका गिरफ्तारी वारंट लेगी। 
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सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए उपद्रवी - फोटो : अमर उजाला
गुर्गों की तलाश में हापुड़ और दिल्ली गई पुलिस
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और सोशल डेमोक्रेटिक ऑफ इंडिया के गुर्गों की तलाश में मेरठ पुलिस ने दबिश देनी शुरू कर दी है। रविवार को पुलिस ने हापुड़ और दिल्ली में कई जगह पर इनकी तलाश की लेकिन कोई हत्थे नहीं चढ़ा। पुलिस का कहना है कि इन दोनों संगठनों से जुड़े लोगों ने लोगों को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में भड़काया।

मेरठ में दोनों संगठनों से जुड़े जावेद, अमजद अली, हसन समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने शास्त्री नगर और हापुड़ रोड पर इनकी जानकारी जुटाई हैं। एसपी सिटी का कहना है कि इस दोनों संगठनों के जुड़े 8 लोगों को पहचान लिया गया है। जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी।
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एसपी सिटी का वीडियो वायरल - फोटो : अमर उजाला
युवा वाहिनी ने किया समर्थन 
हिंदू युवा वाहिनी के महानगर अध्यक्ष अंकित शर्मा ने एसपी सिटी का समर्थन किया है। अंकित ने कहा कि जिस प्रकार से एक वर्ग के लोगों ने एसपी सिटी के सामने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए, उस पर एसपी सिटी का कहना बिल्कुल सही था कि जिसको पाकिस्तान से प्यार है वो वहां चला जाए।
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पथराव करते उपद्रवी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस लिसाड़ी गेट में पहुंची, हुआ विरोध
बवालियों की गिरफ्तारी के लिए शनिवार देर रात पुलिस फोर्स ने लिसाड़ीगेट के नीचा सद्दीकनगर में दबिश दी थी। इस दौरान वहां छतों पर लोग चढ़ गए और पुलिस का विरोध करना शुरू कर दिया। पुलिस मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। जिसके बाद पुलिस फोर्स लौट गई। सीओ कोतवाली का कहना है कि यह अफवाह है कि पुलिस ने दबिश दी और विरोध हुआ। 

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मेरठ में बवाल - फोटो : अमर उजाला
सोशल मीडिया पर नजर
उपद्रव के बाद से पुलिस सोशल मीडिया पर निगाह लगाए हुए है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए लोगों को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में भड़काया जा रहा था। इसको देखते हुए सोशल मीडिया पर विवादित वीडियो फोटो पोस्ट किए जा रहे हैं जिस पर पुलिस की पूरी नजरें हैं। लोगों को चेतावनी भी दी जा रही है कि अफवाहों पर ध्यान न दें।

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बवालियों को पकड़ती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
लिसाड़ीगेट में सबसे अधिक मुकदमे
लिसाड़ीगेट थाने में सबसे अधिक दस मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा ब्रह्मपुरी, देहलीगेट, नौचंदी, कोतवाली जानी और मवाना में केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने उपद्रव से संबंधित जो व्हाट्सएप नंबर जारी किया था, उस पर 240 वीडियो और फोटो मिले हैं। वीडियो की जांच साइबर सेल और सर्विलांस टीम से कराई जा रही है। फोटो के आधार पर 40 बवाली चिह्नित किए गए हैं।
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आरोपी सीसीटीवी में कैद हुए - फोटो : अमर उजाला
लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया तेज
सिटी मजिस्ट्रेट संजय पांडेय ने बताया कि बवाल के बाद 117 शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। नौचंदी, लिसाड़ीगेट कोतवाली और ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के 1550 शस्त्र लाइसेंस हैं। इनमें से 117 शस्त्र लाइसेंसों के निरस्तीकरण की प्रक्रिया चल रही है। इन चारों थाना क्षेत्रों के लोगों को नवीनीकरण के लिए पहले शपथ पत्र देना होगा।
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