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बच्ची का अपहरण: लखनऊ तक गूंजा मामला, शक के घेरे में पिता, मां का कलेजा चीर रही लाडली की चिंता

Fri, 06 Jan 2023 03:33 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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मेरठ में बच्ची के अपहरण का मामला। - फोटो : amar ujala
मेरठ में मलियाना चौकी के पास पांच साल की बच्ची मानवी उर्फ किट्ठू के अपहरण के मामले में पुलिस का शक पिता धीरेंद्र सिंह पर भी है। क्राइम ब्रांच ऑफिस में ले जाकर धीरेंद्र से पूछताछ की गई। रात में 11 बजे बच्ची कैसे घर से बाहर आई, यह सवाल बार-बार पूछा जा रहा है। 

वहीं पुलिस की पांच टीमें मुल्ताननगर से एनएच-58 हाईवे तक पहुंच गईं। उन्होंने 35 सीसीटीवी कैमरे देखे, लेकिन आरोपी की पहचान नहीं हो पाई। बच्ची को गोद में ले जाने वाले युवक के बारे में अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है।
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पीड़ित परिजन। - फोटो : amar ujala
एसपी सिटी पीयूष सिंह के मुताबिक, सर्विलांस टीम ने बच्ची के पिता धीरेंद्र सिंह, उसकी पत्नी पुष्पा के मोबाइल की सीडीआर निकाली। सीसीटीवी कैमरे में बच्ची से एक युवक बात करता और फिर उसको गोद में उठाकर जाता दिखाई दे रहा है। इसी फुटेज को लेकर पुलिस टीम मुल्ताननगर से हाईवे तक पहुंच गई।
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जांच करती पुलिस। - फोटो : amar ujala
एसपी सिटी पीयूष सिंह ने बताया कि धीरेंद्र सिंह (जाट) ने 15 साल पहले दूसरे समुदाय की निशा खातून से शादी की थी। इसके बाद धीरेंद्र सिंह ने पुष्पा से शादी की थी और दोनों पूर्व जीवनसाथी छोड़कर मुल्ताननगर में किराए पर रह रहे थे। यह महिला अपने साथ बच्ची लेकर आई थी। पहली पत्नी को धीरेंद्र से एक बेटा और तीन बेटी हैं।

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जांच करती पुलिस। - फोटो : amar ujala
धीरेंद्र के पिता आदेश पाल ने बेटे को अपनी संपत्ति से बेदखल कर दिया और पोते के नाम संपत्ति कर दी। निशा को अपने गांव भूपगढ़ी जानी में छोड़कर धीरेंद्र आठ साल पहले ब्रह्मपुरी स्थित भगवतपुरा में आकर रहने लगा। यहां उसकी मुलाकात शादीशुदा पुष्पा (अनुसूचित जाति) से हुई थी। धीरेंद्र से शादी के बाद पुष्पा अपने एक बेटे को लेकर मुल्ताननगर रहने लगी थी। पुष्पा के पहले पति से बेटा दीपांशू नशे का आदी था, जो दो साल पहले नशा मुक्ति केंद्र से भाग गया था। उसकी गुमशुदगी भी टीपीनगर थाने में दर्ज है। वह भी अभी तक नहीं मिला है।
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बच्ची के अपहरण का मामला। - फोटो : amar ujala
यह है घटनास्थल का हाल...
मुल्ताननगर स्थित टावर वाली गली में जहां धीरेंद्र का मकान है, उसके आसपास 7-8 मकान हैं। इसका रास्ता मलियाना पुलिस चौकी के बराबर से जाता है। वहां से एनएच-58 हाईवे से करीब एक किलोमीटर है। जो मकान बने हैं, वह भी दूर-दूर हैं। किराये का घर और धीरेंद्र का निर्माणाधीन घर की दूरी 300 मीटर के आसपास होगी। बच्ची अपने पिता के पास से उठकर रात 11 बजे निर्माणाधीन मकान में पहुंची थी। जहां से बच्ची अगवा हुई है।
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बच्ची के अपहरण का मामला। - फोटो : amar ujala
यह बोले माता-पिता
धीरेंद्र: मैं सोया हुआ था। रात में दो बजे आंख खुली तो बच्ची गायब मिली। पहले मैंने बच्ची को ढूंढना शुरू किया, नहीं मिली तो पत्नी पुष्पा को बताया। काफी ढूंढने के बाद सुबह पांच बजे पुलिस को सूचना दी। घर में अंदर से कुंडी लगी थी। इसे मानवी बाल्टी पर चढ़कर अक्सर खोल लेती थी। मुझे इससे ज्यादा जानकारी नहीं है।
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बच्ची के अपहरण का मामला। - फोटो : amar ujala
पुष्पा : मैं रात में रोजाना की तरह आठ बजे मानवी को उसके पिता धीरेंद्र के पास घर में छोड़कर गई थी। धीरेंद्र ने फोन करके मुझे रात में दो बजे बच्ची के घर से जाने की बात बताई थी। बच्ची निर्माणाधीन मकान में चली जाती थी, यह बात तो मुझे पता है। लेकिन वह कभी रात में अकेली घर से बाहर नहीं गई। बच्ची को पुलिस ढूंढे, चाहे आरोपी कोई भी होगा।
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