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तस्वीरें: 'मौत' को हराकर नई जंग की तैयारी में जुटा जवान, जज्बा देख करेंगे आप भी सलाम

Mon, 03 Dec 2018 07:16 PM IST
मोहित कुमार, अमर उजाला, मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए मौत से जंग लड़ने वाले भराला गांव के रिटायर्ड फौजी ने फिर से जंग की तैयारी शुरू कर दी है। ये जंग है देश के लिए विभिन्न खेलों में मेडल लाने की। खुद तैयारी करने के साथ वह गांव और आसपास क्षेत्रों के बच्चों को भी प्रशिक्षित कर रहे हैं। करीब दो साल से बच्चों को निशुल्क ट्रेनिंग देकर वह कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
भराला गांव निवासी फौजी रविंद्र कुमार ने बरेली में तैनाती के दौरान सन् 2016 में रिटायरमेंट ले लिया था। इसका बड़ा कारण उनका अनफिट होना था। फौज में रहते हुए 2010-12 में उनकी सियाचिन में पोस्टिंग थी। 100 दिन वह टॉप हिल्स पर रहे। वहां हुए एक हादसे के दौरान रविंद्र कुमार कोमा में चले गए। चंडीगढ़ और पठानकोट मिलिट्री हॉस्पिटल में महीनों चले उपचार के बाद उन्होंने मौत को हरा दिया। लेकिन वह अपनी पुरानी फिटनेस नहीं पा सके।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
रिटायरमेंट के बाद पत्नी सरिता और बेटे वंश ने हौसला बढ़ाया तो रविंद्र ने अपनी फिटनेस पर काम शुरू किया। करीब दो साल की मेहनत के बाद अब वह नए मुकाम पर हैं।

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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
गांव में खोली एकेडमी : 
रविंद्र ने खुद प्रेक्टिस के साथ गांव में बच्चों के लिए निशुल्क आरके एकेडमी खोल दी। यहां वह बच्चों को भी खेलों का प्रशिक्षण देते हैं। जगह कम पड़ने पर वेद इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन अजित कुमार ने उन्हें अपने यहां पर प्रेक्टिस के लिए ट्रैक दे दिया। अब वह स्कूल में ही प्रशिक्षण देते हैं। वर्तमान में उनके पास 50 लड़के और 15 लड़कियां टेनिंग ले रही हैं।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बच्चों के लिए छोड़ दी नौकरी
कोच रविंद्र कुमार ने बताया कि बीते साल दिल्ली पुलिस की फिजिकल और लिखित परीक्षा पास कर ली थी। लेकिन कोचिंग ले रहे बच्चों ने उन्हें जाने नहीं दिया। अब वह तन-मन और से बच्चों को प्रशिक्षित कर रहे हैं।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
खुद भी कर रहे तैयारी  
रविंद्र कुमार ने बताया कि वह 40 साल से ऊपर की बैटल रेस के लिए तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीमारी के दौरान उनका वजन 110 किलो हो गया था। चेहरा भी पहचान में नहीं आता था। लेकिन अब पूरी तरह से फिट हैं।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
स्टेट भी खेल चुके कई बच्चे 
कोच रविंद्र कुमार ने बताया कि उनके कई बच्चे स्टेट लेवल तक खेल चुके हैं। ईशा, अनु, आयशा और खुशी दौ सौ मीटर दौड़ में स्टेट खेल चुकी हैं। अब वह नेशनल की तैयारी कर रही हैं। लड़कियों के अलावा लड़के भी स्टेट लेवल तक पहुंचे हैं।

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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
सुविधाएं हैं कम
ग्रामीण स्तर पर प्रतिभा बहुत है, लेकिन सुविधाएं कम हैं। कोच रविंद्र कुमार को स्कूल की ओर से पूरा सहयोग दिया जा रहा है। ग्राउंड पर वह अपनी सुविधानुसार सुबह और शाम में कोचिंग कराते हैं। -अजित कुमार, चेयरमैन, वेद इंटरनेशनल स्कूल भराला
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
शुरू में होती है कठिनाई
17 महीने से हरदिन बच्चों को ग्राउंड पर प्रैक्टिस कराता हूं। शुरुआत में बच्चों को भी दिक्कत होती है, लेकिन धीरे-धीरे वह ढल जाते हैं। मेरी इच्छा है कि मेरे बच्चे नेशनल खिलाड़ी बने और आर्मी में जाकर देश की सेवा करें। -रविंद्र कुमार, कोच आरके एकेडमी

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