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क्या है उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पतालों की सच्चाई ? इन 3 तस्वीरों ने खोली पोल

Fri, 07 Dec 2018 07:42 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
ये तीन फोटो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हाईटेक मेडिकल कॉलेज के सिस्टम की पोल खोलने के लिए काफी हैं। पहले में मरीज को घसीटकर ले जाया जा रहा है तो दूसरे में ड्रिप लगे और बोतल पकड़े स्ट्रेचर पर बैठे इस मरीज के चेहरे पर भले ही मुस्कान दिखे। लेकिन भीतर का दर्द शायद ही किसी ने देखा हो। तीसरे में महिला मरीज की कूल्हे की हड्डी टूटी है और उसे प्राइवेट लैब में एक्सरे कराने के लिए मेडिकल से बाहर दो किमी दूर स्ट्रेचर पर ही भेज दिया गया।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
सरकारी अस्पतालों पर सरकार हर साल अरबों रुपये खर्च करती है। मोटी तनख्वाह लेने वाले डॉक्टर और कर्मचारी रखे जाते हैं, लेकिन मरीजों का इन अस्पतालों में पूरा इलाज और एंबुलेंस जैसी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। गुरुवार को मेडिकल कॉलेज में लापरवाही की ऐसी ही हकीकत सामने आई कि हर कोई अवाक नजरों से देखता रह गया।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
डॉक्टरों ने यहां इलाज कराने पहुंचे एक मरीज को जांच कराने के लिए प्राइवेट लैब में भेज दिया। इस मरीज के परिवार वालों को जब एंबुलेंस नहीं मिली तो वे मजबूरी में बीमार को स्ट्रेचर पर ही बिठाकर चल दिए। मरीज को ड्रिप लगी हुई थी। ऐसे में मरीज स्वयं हाथ में बोतल थाम कर बैठा था। इसी हालत में वह जांच कराकर वापस भी लौटा। किसी जागरूक महिला ने ये नजारा देखा तो उन्होंने पूरी घटना अपने मोबाइल में कैद कर ली।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
वहीं, महिला मरीज को दो किमी दूर प्राइवेट में एक्सरे कराने की फोटो भी देर रात सोशल साइट पर वायरल हुई तो लोग मेडिकल कॉलेज में फैली अव्यवस्था को देखकर कोसते नजर आए।

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