जांच करती टीम
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के अनुसार सोमवार को एनसीईआरटी ने परतापुर पुलिस को ई-मेल के जरिये आठ बिंदुओं पर जांच रिपोर्ट भेजी। जिसमें प्रिंटिंग प्रेस, नकली किताब में इस्तेमाल होने वाला कागज, स्याही, वाटर मार्क और छपाई करने वाली मशीनें एनसीईआरटी के मानकों के विरुद्ध बताई है। बताया गया कि करीब पांच साल पहले भी संजीव गुप्ता की प्रिंटिंग प्रेस से नकली किताबें पकड़ी गई थीं। लेकिन एनसीईआरटी की रिपोर्ट के चलते मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लग गई थी। हालांकि इस बार के प्रकरण में भी एनसीईआरटी ने प्रारंभिक जांच में वाटरमार्क असली बताया था।