किताबें बरामद
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वहीं, पुलिस का कहना है कि परतापुर के अच्छरौंडा गांव में करीब डेढ़ साल पहले किताबों को रखने के लिए गोदाम किराए पर लिया गया था। परतापुर पुलिस और एसटीएफ ने इस गोदाम के अलावा मोहकमपुर स्थित फैक्टरी को भी सील कर दिया है। हालांकि एनसीईआरटी की टीम का दावा है कि काफी लंबे समय से मशीनें नकली किताबें छाप रही है। ऐसे में यह भी सवाल सामने आ रहा है कि क्या अच्छरौंडा गांव से पहले भी कहीं दूसरी जगह एनसीईआरटी की नकली किताबें छापने का धंधा चल रहा था।