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UP: 'मेरी बहन आएगी या नहीं... वापस न आई तो क्या अफसर वर्दी उतार देंगे'; कपसाड़ कांड में भाई ने पूछे ये सवाल

Sat, 10 Jan 2026 02:04 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

मेरठ के सरधना के कपसाड़ गांव में धरने के दौरान मृतक महिला का बड़ा बेटा सपा विधायक से लिपटकर फूट-फूटकर रोया। इस दौरान उसने पूछा कि विधायक जी, बस इतना बता दो मेरी बहन अब वापस आएगी या नहीं। 
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Meerut Murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
मेरठ के सरधना के कपसाड़ गांव में सपा विधायक अतुल प्रधान, भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष बिजेंद्र सूद गांव पहुंचे। सपा विधायक ने अपनी ओर से दो लाख रुपये की सहायता दी और अखिलेश यादव की ओर से तीन लाख रुपये देने की बात कही। 

आसपा अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने भी पीड़ित परिवार से वीडियो कॉल पर आश्वासन दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान व भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा भी पीड़ित पक्ष के पास पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया।
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गांव कपसाड़ में मृतक के परिजनों को आर्थिक मदद करते हुए सरधना विधायक अतुल प्रधान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रशासन की सहायता से कराया गया समझौता 
मामला हाथ से निकलता देखकर पूर्व विधायक संगीत सोम पीड़ित परिवार के बीच पहुंचे और प्रशासन की सहायता से समझौते की पटकथा लिखी गई। पुलिस प्रशासन ने 48 घंटे में युवती की बरामदगी, परिवार के एक सदस्य को चीनी मिल में नौकरी, शस्त्र लाइसेंस देने व दस लाख रुपये का मुआवजा देने, पुलिस सुरक्षा देने का आश्वासन दिया। 

 
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युवती का फाइल फोटो व विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
पीड़ित परिवार मृतका का अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार हो गया। इससे फिलहाल भाजपा नेताओं ने राहत की सांस ली है लेकिन सपा व आसपा नेता इस मामले को लेकर लगातार भाजपा सरकार पर हमला कर रहे हैं।

 

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गांव कपसाड़ में सभी संपर्क मार्गों पर आरएएफ तैनात कर सील किया गया - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भाजपा के सामने खड़ी थी चुनौती
कपसाड़ में शुक्रवार को दिनभर घटनाक्रम बदलता रहा। विधायक अतुल प्रधान को गांव में जाने से रोका गया तो पीड़ित पक्ष खुद ही विधायक के पास पहुंच गया। यह देखकर भाजपा नेताओं को मामला अपने हाथ से जाता दिखाई दिया। भाजपा नेताओं के सामने ठाकुर समाज को नाराज नहीं करने और दलितों को भी मनाने की चुनौती खड़ी हो गई। इसके बाद भाजपा नेता गांव में पहुंचने शुरू हुए ताकि मामले को संभाला जा सकें।
 
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गांव कपसाड़ में मृतक पक्ष से मिलने जाते समय पुलिस द्वारा रोके जाने पर धरने पर बैठे MLA अतुल प्रधान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ के सरधना के कपसाड़ गांव से अपहृत युवती का दूसरे दिन शुक्रवार को सपा, बसपा, भीम आर्मी, असपा नेता-कार्यकर्ता और स्थानीय लोग हंगामा करते रहे। पुलिस ने गांव और आसपास का इलाका भी छावनी में तब्दील कर दिया। वहीं सपा विधायक अतुल प्रधान को गांव के बाहर रोकने को लेकर हंगामा हुआ। पीड़ित परिवार ने विधायक को गांव के अंदर प्रवेश कराया। 

 
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गांव कपसाड़ में परिजनों से वार्ता करने पहुंचे पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव के बाहर ही सड़क पर धरने पर बैठ गए सपा विधायक
इससे पहले, परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक सुनीता का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। सपा विधायक अतुल प्रधान, भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष चरण सिंह और अन्य कार्यकर्ताओं के अलावा कांग्रेस नेता गांव जाने के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें सीमा पर ही रोक लिया। इस पर विधायक समेत सभी लोग गांव के बाहर ही सड़क पर धरने पर बैठ गए। 

 
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कपसाड़ में सुनीता को अंतिम संस्कार को ले जाने के बाद विलाप करती महिलाओं को समझाती पुलिसकर्मी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भाई ने पूछा- मेरी बहन आएगी या नहीं
धरने के दौरान सबसे भावुक कर देने वाला पल तब आया जब सुनीता का बड़ा बेटा नरसी रोते हुए विधायक अतुल प्रधान से लिपट गया। उसने सिसकते हुए पूछा- विधायक जी, बस इतना बता दो मेरी बहन अब वापस आएगी या नहीं। इस सवाल ने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं।

 

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गांव कपसाड़ में महिला की हत्या के बाद विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेटा बोला- बहन वापस नहीं आई तो क्या अधिकारी वर्दी उतार देंगे
सुनीता का छोटा बेटा शिवम एसपी देहात अभिजीत कुमार के सामने भावुक हो गया। उसने रोते हुए अपनी बहन की शीघ्र बरामदगी की मांग की और कहा कि जब तक बहन सुरक्षित वापस नहीं आती तब तक मां के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इस पर एसपी देहात ने जल्द बरामदगी का आश्वासन देते हुए अंतिम संस्कार कराने की बात कही। 

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गांव कपसाड़ के मार्ग पर बैरिकेडिंग पर अतुल प्रधान को रोकते समय पुलिसकर्मियों ने की धक्कामुक्की - फोटो : वीडियो ग्रैब
'तो क्या जिम्मेदार अधिकारी अपनी वर्दी उतार देंगे'
बातचीत के दौरान शिवम अचानक आक्रोशित हो गया। उसने सवाल उठाया कि यदि तय समय में बहन की बरामदगी नहीं होती तो क्या जिम्मेदार अधिकारी अपनी वर्दी उतार देंगे। यह सुनते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। एसपी देहात व अन्य पुलिस अधिकारी भी नाराज हो गए और दो टूक कहा कि अपराध न तो उन्होंने किया है और न ही किसी पुलिसकर्मी ने इसके बावजूद पुलिस पर आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले में पूरी गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। 

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मां की हत्या के मामले में कोई कार्रवाई नहीं होने पर अधिककारियों को चूड़िया दिखाती महिलाएं - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
महिलाओं ने पुलिस को दिखाईं चूड़ियां
मेरठ के सरधना में समाजसेवी नेहा गौड़ और सुनीता की घर की महिलाओं ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस प्रशासन के सामने हंगामा किया। महिलाओं ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया और नारेबाजी की। इस दौरान महिलाओं ने पुलिस प्रशासन को चूड़ियां दिखाई। महिला पुलिसकर्मियों ने हंगामा कर रही महिलाओं को किसी तरह समझाकर शांत किया।

 

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मृतक सुनीता का फाइल फोटो - फोटो : वीडियो ग्रैब
गलियों में पसरा रहा सन्नाटा
गांव की ज्यादातर सड़क शाम के समय तक सूनसान रहीं। कुछ जगह पर बुजुर्ग आपस में बात करते हुए दिखाई दिए। गांव की तमाम गलियों में ग्रामीणों से ज्यादा पुलिस के जवान नजर आए। तनाव के चलते अधिकांश ग्रामीणों ने बच्चों को घरों से नहीं निकलने दिया और स्वयं भी छतों से ही बाहर देखते रहे। सीमाएं सील किए जाने के कारण नौकरीपेशा लोग भी गांव से बाहर नहीं जा पाए।

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आरोपी पारस सोम - फोटो : वीडियो ग्रैब
सरधना से अपहृत युवती का दूसरे दिन भी सुराग नहीं
मेरठ के सरधना के कपसाड़ गांव से अपहृत युवती का दूसरे दिन शुक्रवार को भी सुराग नहीं लग सका। वहीं नामजद आरोपियों को भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। दिनभर युवती की मां सुनीता का शव लेकर परिवार घर में ही बैठा रहा। सपा, बसपा, भीम आर्मी, असपा नेता-कार्यकर्ता और स्थानीय लोग हंगामा करते रहे। पुलिस ने गांव और आसपास का इलाका भी छावनी में तब्दील कर दिया।

 

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एक्सप्रेस वे पर धरने पर बैठे सपा विधायक अतुल प्रधान - फोटो : अमर उजाला
48 घंटे में रुबी को तलाशने का आश्वासन
करीब 19 घंटे की जद्दोजहद के बाद पूर्व विधायक संगीत सोम, एसपी देहात अभिजीत कुमार, एडीएम सिटी की मौजूदगी में पुलिस ने लिखित वादा किया कि 48 घंटे के भीतर रुबी को तलाश कर लिया जाएगा। परिवार के एक सदस्य को स्थानीय चीनी मिल में स्थायी रोजगार दिया जाएगा। 
 

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कपसाड़ में तनाव - फोटो : अमर उजाला
गांव में पुलिस बल की होगी तैनाती
10 लाख रुपये का चेक दिया गया। परिवार के एक सदस्य को शस्त्र लाइसेंस दिलाने का भरोसा दिया। सुरक्षा के लिए गांव में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। इसके बाद रात करीब पौने 8:00 बजे सुनीता का अंतिम संस्कार हो सका। बेटे नरसी ने मुखाग्नि दी।
 
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कपसाड़ में तनाव - फोटो : अमर उजाला
हंगामे के बाद सपा विधायक को दिया गांव में प्रवेश
इससे पहले बृहस्पतिवार रात 12 बजे जब सुनीता का शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने दो टूक कह दिया था कि जब तक बेटी मिल नहीं जाएगी वे सुनीता का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। वहीं सपा विधायक अतुल प्रधान को गांव के बाहर रोकने को लेकर हंगामा हुआ। पीड़ित परिवार ने विधायक को गांव के अंदर प्रवेश कराया। 


 
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