गाजियाबाद से मेरठ के सरधना इलाके के कपसाड़ गांव पहुंचीं मृतक सुनीता की बड़ी बहन मायादेवी ने कहा कि कम से कम अपनों का दुख तो बांटने दो, पुलिस ने रिश्तेदारों और परिचितों को गांव की सीमा पर रोक दिया। इस पर बहन का दर्द फूट पड़ा।
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Meerut Murder and kidnapping
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
"मेरी बहन मुझे छोड़कर चली गई। वह मेरी बेटी जैसी थी। हमारी मां के गुजर जाने के बाद मैंने उसे मां की तरह पाला। मैं उसके अंतिम दर्शन तो नहीं कर सकी, कम से कम अब तो अपनों का दुख बांटने दो"। ये रुंधे हुए शब्द गाजियाबाद से कपसाड़ गांव पहुंचीं मायादेवी के हैं जो मृतका सुनीता देवी की बड़ी बहन हैं।
मायादेवी बार-बार सुनीता के घर जाने देने के लिए पुलिस से मिन्नतें करती रहीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें गांव में नहीं जाने दिया। इसके विरोध में मायादेवी वहीं धरने पर बैठ गईं। मायादेवी के अलावा पुलिस ने मृतक सुनीता के कई अन्य रिश्तेदारों और परिचितों को गांव की सीमा पर ही रोक दिया। पाबंदियों के बावजूद अपनों तक पहुंचने की तड़प ऐसी थी कि रिश्तेदारों को पगडंडियों का सहारा लेना पड़ा।
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कपसाड़ में अपनों का दुख बांटने जा रहे रिश्तेदारों को गांव के बाहर रोकने पर रिश्तेदार धरने पर बैठे
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अब तक बुलडोजर चल चुका होता
अपनों को खोने का गम और प्रशासन की बेरुखी ने ग्रामीणों और सुनीता के रिश्तेदारों में भारी रोष रहा। पुलिस की इस कार्रवाई से आक्रोशित रिश्तेदारों ने भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाकर हंगामा भी किया। रिश्तेदारों ने कहा, अगर यह मामला अनुसूचित जाति के बजाय किसी दूसरे रसूखदार समुदाय से जुड़ा होता तो अब तक आरोपियों पर बुलडोजर चल चुका होता।
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कपसाड़ में सुनीता की हत्या के बाद गमजदा महिलाएं
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रिश्तेदारों के अनुसार, लगभग 10-12 लोग खेतों के रास्ते पैदल छिपते-छिपाते गांव तक पहुंच सके। करीब 40 अन्य रिश्तेदारों को पुलिस ने गांव में प्रवेश नहीं करने दिया और वापस भेज दिया।
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गांव कपसाड़ में मृतक के परिजनों से मिलने पर रोकती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हत्याकांड में नामजद सुनील और दो अज्ञात युवकों की भूमिका पर असमंजस
युवती के अपहरण और उसकी मां सुनीता की हत्या के मामले में दर्ज सनसनीखेज प्राथमिकी में नामजद सुनील राजपूत, दो अज्ञात युवकों की भूमिका को लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। मुख्य आरोपी पारस सोम की गिरफ्तारी के बाद भी घटना में शामिल बताए गए अन्य आरोपियों का सुराग नहीं लगा पाना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।
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कपसाड़ में मृतका सुनीता के पुत्र नरसी को सांत्वना देते एसडीएम उदित नारायण सेंगर व सीओ आशुतोष कुमार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुनील को नहीं पकड़ सकी पुलिस
पीड़ित परिवार की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में पारस सोम के साथ सुनील राजपूत और दो अज्ञात युवकों को भी घटना में शामिल बताया गया था। पीड़ित परिवार का कहना कि युवती का अपहरण करने और मां सुनीता की हत्या की साजिश में चारों युवक शामिल थे। हालांकि घटना के तीन दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस न तो सुनील को पकड़ सकी है और न ही अज्ञात युवकों की पहचान कर पाई है।
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गांव कपसाड़ में ग्राम द्वार पर बैरिकेडिंग लगाकर तैनात आरएएफ
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि घटना के समय मौके पर मुख्य आरोपी पारस सोम और युवती रूबी ही मौजूद थे। ऐसे में सवाल उठ रहा कि प्राथमिकी में नामजद सुनील और दो अज्ञात युवकों की वास्तविक भूमिका क्या थी।
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गांव कपसाड़ में मृतक महिला के घर की गली में तैनात पुलिस फोर्स
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
क्या वे साजिश में शामिल थे या घटना से पहले अथवा बाद में उनकी कोई भूमिका रही। इन सभी बिंदुओं पर पुलिस अब जांच कर रही है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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गांव कपसाड़ में मृतक महिला के घर परिजनों से वार्ता करते पूर्व विधायक संगीत सोम व सुनील भराला
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह था मामला
बृहस्पतिवार सुबह सरधना थाना इलाके के कपसाड़ गांव निवासी सुनीता अपनी बेटी रूबी के साथ खेत की ओर जा रही थीं। रजबहे की पटरी के पास आरोपी पारस सोम, सुनील और उनके कुछ साथी कार लेकर आए और रूबी को अगवा करने का प्रयास किया।
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गांव कपसाड़ में बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए लगाई बैरिकेडिंग और तैनात फोर्स
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मां ने विरोध किया तो उन पर फरसे से हमला कर दिया था। इसके बाद आरोपी रूबी को अगवा कर फरार हो गए थे। अस्पताल में इलाज के दौरान सुनीता की मौत हो गई थी। इस मामले में बृहस्पतिवार और शुक्रवार को दिनभर हंगामा चला था।
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रूबी और आरोपी पारस सोम
- फोटो : पुलिस
सरधना से अगवा युवती तीसरे दिन रुड़की में मिली, आरोपी पारस सोम भी गिरफ्तार
मेरठ के सरधना के कपसाड़ गांव से बृहस्पतिवार को अगवा की गई युवती रूबी को पुलिस ने शनिवार शाम करीब छह बजे रुड़की में खोज लिया। आरोपी पारस सोम को भी उसके साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि दोनों रुड़की रेलवे स्टेशन से हरिद्वार भागने की तैयारी में थे। देर रात करीब 10:30 बजे दोनों को मेरठ लाया गया। एसएसपी का कहना है कि प्राथमिक पूछताछ में पारस ने गुनाह कबूल कर लिया है।
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कपसाड़ में सियासी जमावड़ा
- फोटो : अमर उजाला
एसएसपी के मुताबिक, कपसाड़ गांव में बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे रूबी अपनी मां सुनीता के साथ खेत पर गन्ने की छिलाई करने जा रही थी। इसी दौरान गांव के ही पारस सोम ने उसका अपहरण कर लिया। विरोध करने पर उसकी मां सुनीता की फरसे से हत्या कर दी। इसकी प्राथमिकी सरधना थाने में दर्ज है।
युवती का फाइल फोटो व विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
पारस सोम को रुड़की रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया
वहीं, रूबी की तलाश और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दस टीमें लगी हुई थीं। शनिवार शाम 6:15 बजे मेरठ सर्विलांस टीम के इनपुट पर एसपी देहात हरिद्वार की टीम ने पारस सोम को रुड़की रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ रूबी भी मिल गई। इसकी जानकारी लगने पर मेरठ और सहारनपुर पुलिस भी हरिद्वार पहुंच गई।