मेरठ में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कबाड़ी बाजार में जिस्मफरोशी के धंधे का भंडाफोड़ किया है। मौके से 21 महिलाएं और किशोरियां बरामद, राजस्थान-दार्जिलिंग-नेपाल से लाई गईं थीं। संचालिकाओं और आरोपियों पर केस दर्ज की तैयारी।
मेरठ के कबाड़ी बाजार में एक बार फिर से देह व्यापार का गोरखधंधा पकड़ा गया है। गुरुवार को मिशन मुक्ति फाउंडेशन दिल्ली और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारकर यहां से 21 महिलाओं और कुछ बच्चों को मुक्त कराया। इनमें किशोरियां, युवतियां और नेपाल, राजस्थान व दार्जिलिंग से लाई गई महिलाएं शामिल हैं।
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कबाड़ी बाजार में खड़ी पुलिस की गाड़ी।
- फोटो : अमर उजाला
बरामद हुईं महिलाएं और किशोरियां राजस्थान, दार्जिलिंग और नेपाल की रहने वाली हैं। पुलिस का कहना है कि नाबालिगों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा।
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मेरठ पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हैरानी की बात है कि यह पूरा धंधा पुलिस चौकी के पास चल रहा था। मौके से पांच युवक भी पकड़े गए जो ग्राहकों को कोठे तक लाने का काम करते थे। पुलिस अब इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर रही है।
मेरठ में रात से ही तैनात है पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मिशन मुक्ति फाउंडेशन के डायरेक्टर वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर पहले सभी कोठे बंद हुए थे। बाद में कोठा संचालिकाओं ने हलफनामा देकर कहा कि वे देह व्यापार नहीं कराएंगी और केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम (मुजरा) चलाएंगी।
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इस पर कोर्ट ने एक कोठा खोलने की अनुमति दी थी। हलफनामे के आधार पर एक कोठे को केवल मुजरे की अनुमति दी गई थी। इसके बावजूद यहां जिस्म फरोशी का अवैध धंधा चल रहा था।
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police
- फोटो : अमर उजाला
जिस जगह पर यह कोठा चल रहा था, वहां से चंद कदमों की दूरी पर पुलिस चौकी भी बनी हुई है। इसके बावजूद लंबे समय से यहां अवैध गतिविधियां बेरोकटोक चल रही थीं।
कबाड़ी बाजार में कार्रवाई करती टीम।
- फोटो : अमर उजाला
ग्राहकों की आवाजाही का वीडियो सबूत जुटाकर ही छापा मारा गया। अब नाबालिग बच्चियों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जाएगा और बाकी की जांच जारी है। अब पूरे मामले की जांच जारी है।