फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आंखों देखा मंजर: जिंदगी बची तो छलक पड़े आंसू, बोले- सामने थी मौत, कभी भूल नहीं पाएंगे ये हादसा, देखें तस्वीरें

Tue, 18 Oct 2022 05:09 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
विज्ञापन
1 of 12
मेरठ नाव हादसा। - फोटो : amar ujala
मेरठ के हस्तिनापुर में भीमकुंड गंगा घाट पर मंगलवार सुबह नाव हादसा हुआ तो करीब डेढ़ दर्जन लोगों की सांसें अटक गईं। आंखों के सामने मौत देख लोगों में कोहराम मच गया। इस दौरान कुछ ने तैरकर अपनी जान बचा ली लेकिन कुछ उनकी आंखों के सामने ही डूब गए। वहीं आनन-फानन आसपास के लोगों ने कई लोगों को डूबने से बचा लिया। हालांकि एक व्यक्ति के मरने की पुष्टि हो चुकी है और अभी कई लोगों के डूबे होने की बात कही जा रही है।



उधर, जिन लोगों की जिंदगी बच गई वे भगवान का शुक्रिया कर रहे हैं। इस दौरान उनके आंसू भी छलक पड़े। उन्होंने आंखों देखा मंजर बताया तो वहां मौजूद अधिकारी और ग्रामीण भी भावुक हो गए। वहीं अधिकारी अभी गंगा में डूबे लोगों को एनडीआरएफ और पीएससी की फ्लड कंपनी की मदद से ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं अमर उजाला की टीम ने हादसे में बचे कुछ से बातचीत की तो उन्होंने आंखों देखा मंजर बयां किया-
विज्ञापन

2 of 12
गंगा में डूबी नाव। - फोटो : amar ujala
बताया गया कि करीब डेढ़ दर्जन लोग मंगलवार सुबह एक नाव में सवार होकर गंगा पार जा रहे थे। इसी दौरान नाव पिलर से टकरा कर गंगा में डूब गई। बताया गया कि चालक बंटी और सुधीर की लापरवाही के कारण नाव पिलर से टकराई है। वे नाव को तेज धारा में ले गए थे।
विज्ञापन

3 of 12
मौके पर जमा हुई भीड़। - फोटो : amar ujala
अवैध नाव संचालन को बंद कराने के लिए अमर उजाला ने अभियान चलाया और कई बार अधिकारियों को चेताया लेकिन, किसी भी अधिकारियों ने आज तक कोई संज्ञान नहीं लिया। जिस कारण आज यहां लोगों ने मौत का मंजर देखा।

4 of 12
विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala
वहीं स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने गंगा में डूबे एक व्यक्ति का शव बरामद किया है। अभी कई लोगों के लापता होने की बात कही जा रही है। जिसकी तलाश में एनडीआरएफ और पीएसी की फ्लड कंपनी गंगा में सर्च ऑपरेशन चला रही है। अभी तक गंगा में डूबे अन्य लोगों का कोई सुराग नहीं मिला है।
विज्ञापन

5 of 12
गंगा से निकाला गया युवक। - फोटो : amar ujala
वहीं शासन-प्रशासन के अधिकारियों ने नाव के संचालन की जानकारी ली और कहा कि ये नाव किसके इशारे पर चल रही थी तो ग्रामीणों ने बताया कि किसानों को खेती के लिए मजबूरी में नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
विज्ञापन

6 of 12
मौके की ओर दौड़े लोग। - फोटो : amar ujala
दर्जनों शिक्षकों का हर रोज आना-जाना
दानापुर क्षेत्र के कई शिक्षक चांदपुर बिजनौर क्षेत्र में तैनात हैं। बिजनौर बैराज से जाने के लिए उन्हें करीब 100 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ता था। ये शिक्षक रुपये और समय बचाने के चक्कर में अपनी जान को दांव पर लगाकर गंगा पुल के नीचे नाव का सहारा लेकर ड्यूटी पर जाते हैं।
विज्ञापन

7 of 12
विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala
वहीं मंगलवार को भी कई शिक्षक इस नाव में सवार थे। एक शिक्षक तो जैसे-तैसे अपनी जान बचाकर बाहर निकले। लेकिन दूसरे शिक्षक का अभी कोई पता नहीं है। जिनकी तलाश जारी है। रोते-बिलखते परिजन उन्हें तलाशने की मांग कर रहे हैं।

8 of 12
विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala
हजारों लोग पहुंचे घटनास्थल पर
गंगा में नाव हादसे की खबर जैसे ही क्षेत्र के लोगों को पता लगी तो हजारों लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। वहीं मामले की जानकारी मिलते ही राजनीतिक लोग भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।

9 of 12
मेरठ नाव हादसा। - फोटो : amar ujala
नाव में डूबे दो लोगों की मोटरसाइकिल गंगा से बरामद
गंगा में हुए नाव हादसे में सुरक्षित बचे लोगों ने बताया कि नाव में करीब सात से आठ मोटरसाइकिल मौजूद थी। जो नाव के टूटने के साथ ही गंगा में समा गई थी। गंगा में सर्च अभियान में जुटी टीम ने अभी तक गंगा में डूबे लोगों की दो बाइकों को बरामद कर लिया है। वहीं अधिकारी गंगा के किनारे पर ही बैठे हुए हैं और सर्च अभियान से अन्य लोगों व बाइकों का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं।

10 of 12
हस्तिनापुर में हादसा। - फोटो : अमर उजाला
दर्जनों किसान नेता मौके पर पहुंचे
घटनास्थल पर भारतीय किसान यूनियन के मंडल महामंत्री नरेश चौधरी पहुंचे। उन्होंने कहा कि बुधवार को किसान दिवस के अवसर पर हस्तिनापुर में यूनियन के पदाधिकारी गंगा पुल की टूटी एप्रोच रोड पर रणनीति बनाएंगे और शासन-प्रशासन से जल्द ही दुरुस्त कराने की मांग की जाएगी।

11 of 12
हस्तिनापुर में हादसा। - फोटो : अमर उजाला
नाव हादसे में बचे शिक्षक देवेंद्र ने बताया कि नाव पिलर से टकरा गई थी, जिस वजह से नाव गंगा में समा गई। उन्होंने बताया कि वे खुद तो तैरकर बच गए लेकिन, उनकी आंखों के सामने ही साथी शिक्षक महेश निवासी हस्तिनापुर गंगा में डूब गए। उन्होंने बताया कि उन्हें खूब बचाने का प्रयास किया लेकिन, बचा नहीं पाए।
विज्ञापन

12 of 12
हस्तिनापुर में हादसा। - फोटो : अमर उजाला
हादसे में बचने वाले अशोक, अरुण, इजराइल तीनों ने बताया कि अचानक आंखों के सामने मौत आ गई थी और बचने की भी कोई उम्मीद नहीं थी। लेकिन आसपास के लोगों ने जिंदगी बचा ली। उन्होंने कहा कि वे इस हादसे को जिंदगी में कभी नहीं भूल पाएंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें