सीसीटीवी फुटेज में आरोपी के साथ तीन से चार मासूम भी दिखाई दे रही हैं।
- फोटो : अमर उजाला
इससे साफ पता चलता है कि एसएसपी आयोग के ऊपर एक एनजीओ को तरजीह दे रहे हैं, जो आयोग के प्रोटोकॉल के विपरीत है। साथ ही मेडिकल एसओ ने भी उन्हें काफी बरगलाने की कोशिश की, जिसके चलते वह दोपहर में थाने से ही लौट आईं। शाम को फिर से पीड़ित परिवारों से जाकर मिलीं। इस पूरे घटनाक्रम को भी उन्होंने रिपोर्ट में शामिल किया है।