मेरठ का घंटाघर तो सभी जानते हैं लेकिन इससे जुड़े किस्से आप शायद ही जानते हों। इसकी टिक टिक करती घड़ी हमेशा लोगों को सही समय बताती रही है। एक समय था जब पूरा ही शहर इस घड़ी के पेंडुलम की आवाज पर चलता ओर थम जाता था। जानें इससे जुड़ी ऐसी ही कुछ खास बातें:-
ब्रिटिश राज में इस भीड़भाड़ वाले इलाके में 1913 में घंटाघर का निर्माण हुआ और इंग्लैंड से वेस्टन एंड वाच कंपनी की यह घड़ी 1914 में लगाई गई। इसके बराबर में ही टाउन हॉल है। शहर के बीचोंबीच होने के कारण घंटाघर क्षेत्र में आजादी की लड़ाई के लिए सभाएं होती थी।