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तस्वीरें: रसोई गैस सिलिंडर लीक होने से घर में लगी थी आग, पोते को तड़पता देख बचाने दौड़ी दादी,दोनों की मौके पर ही मौत

Wed, 03 Mar 2021 05:16 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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विलाप करते परिजन व अस्पताल में भर्ती बच्चे - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के लिसाड़ी गेट थानाक्षेत्र में खाना बनाते समय रसोई गैस सिलिंडर में आग लग गई। महिलाओं ने आग बुझा दी, लेकिन धुआं पूरे घर में फैल गया। इससे परिवार बेहोश हो गया। दम घुटकर दादी-पोते की मौके पर ही मौत हो गई।

धुएं के कारण वहां मौजूद सदस्यों की आंखें बंद हो गई। वह चाहकर भी घर का गेट नहीं खोल पाए। एक के बाद एक परिवार के सात लोग बेहोश हो गए। बताया है कि पांच-छह मिनट परिवार और अंदर रह जाता तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। आगे जानें आखिर कैसे पोते को बचाने के चक्कर में दादी ने अपनी जान की भी परवाह नहीं की।
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अस्पताल में भर्ती बच्चा - फोटो : अमर उजाला
लिसाड़ी गेट के नूर गार्डन 60 फुटा रोड पर स्क्रैप का काम करने वाले नवाब पुत्र अमीर का घर है। नवाब की बेटी का निकाह लॉकडाउन में हुआ था, जिसको बेटा हुआ है। इसकी जानकारी लगने पर नवाब की बहन रिहाना (52) छह साल के पोते साद को लेकर चित्तौड़ा गांव मुजफ्फरनगर से आई थी।

यहां नवाब की पत्नी शहनाज, भतीजी असीमा, बेटी रुकैया व भतीजा कैफ घर में मौजूद थे। शहनाज और रुकैया घर में खाना बना रही थीं। इस दौरान रसोई गैस सिलिंडर में गैस लीक हो गई और आग लगी।
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आग लगने से उड़ी मकान की छत - फोटो : अमर उजाला
दोनों मां बेटी ने आग को बुझा दिया, लेकिन उसका धुआं पूरे घर में फैल गया। बेहोश होने के दौरान परिवार के लोगों ने शोर मचाया था, जिससे आसपास के लोग वहां पर पहुंचे गए। घर में दरवाजे की अंदर से कुंडी लगी थी।

लोगों ने दरवाजा तोड़ा और परिवार को लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टर ने रिहाना और उसके पोते साद को मृत घोषित कर दिया। इसकी जानकारी लगने पर लिसाड़ी गेट थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया का कहना है कि दादी पोते के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

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अस्पताल में भर्ती बच्चा - फोटो : अमर उजाला
लिसाड़ी गेट के नूर गार्डन में नाती का जन्म होने से परिवार में खुशी का माहौल था। नवाब की बहन रिहाना अपने पोते को लेकर आई थीं। नवाब परिवार व रिश्तेदारों के लिए खाने का सामान लेने बाजार गए थे। नवाब के घर में पड़ोस के कई बच्चे आए थे। वह कुछ देर पहले ही अपने-अपने घर चले गए थे। 50 गज के मकान में दो कमरे बने हैं। एक कमरे में नवाब की बहन रिहाना, भतीजी बेटी समेत सात लोग थे।

नवाब की पत्नी शबनम रसोई में खाना बना रही थीं। इसी समय हादसा हो गया। लोगों ने बताया कि छह साल के पोते को बचाने में रिहाना की जान चली गई। पोते को तड़पता देखकर रिहाना ने शोर मचाया, वह सबसे ज्यादा चिल्ला रही थीं, जबकि अन्य लोग मुंह पर कपड़ा लगाए थे।
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विलाप करते परिजन व अस्पताल में भर्ती बच्चा - फोटो : अमर उजाला
रिहाना पोते को बचाने के लिए कमरे से भी बाहर आ गई थीं, जिससे धुआं उनको प्रभावित करता गया। पोते के बेहोश होने पर वह भी जमीन पर गिर गई थीं। परिवार के लोगों ने बताया कि रिहाना से उसका पोता बहुत लगाव करता था। मां को छोड़कर दादी के साथ मुजफ्फरनगर से आया था। इस घटना के बाद परिवार के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल है।

सांस लेने में आई दिक्कत
परिवार का इलाज कर रहे डॉक्टर ने बताया कि सभी को सांस लेने में दिक्कत है। जहरीला धुआं मुंह में अंदर चला गया। पहले से हालत में काफी सुधार है। अब वह खतरे से बाहर हैं।
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