मेरठ के सरधना थाने में लगी आग की लपटें जैसे-जैसे विकराल होती गईं, जान बचाकर भागते पुलिस वालों की भीड़ भी थाने के बाहर आती गई। लेकिन चार महिला पुलिस कर्मी बैरक में ही फंस गईं। धमाकों की आवाज के बीच उन्हें बचाने के लिए कोई आगे नहीं बढ़ सका। बाद में महिला पुलिसकर्मियों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। जान बचने के घंटो बाद भी महिला पुलिसकर्मियों के चेहरे में खौफ साफ नजर आ रहा था। उनके बच्चे भी मां के साथ लिपटे खड़े रहे।
लगातार धमाकों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। भवन के ऊपर बैरक में फंसे पुलिसकर्मियों ने तो कूदकर जान बचाई। लेकिन आग की लपटें महिला बैरक की तरफ पहुंची तो एक महिला दारोगा व तीन सिपाही दहशत में आ गईं। जान बचाने के लिए बाहर की तरफ दौड़ लगाई।