जश्न बनाते परिजन
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‘मेरी बेटी कोई सामान नहीं’
डॉ. शर्मा ने साफ कहा कि उन्होंने न तो कोई एलिमनी मांगी और न ही किसी तरह की आर्थिक मांग रखी। उनका कहना था, 'मैं सिर्फ अपनी बेटी को वापस लाया हूं। मेरी बेटी कोई सामान नहीं है कि उसे कहीं भी छोड़ दिया जाए। उसका सम्मान सबसे पहले है।' उन्होंने यह भी कहा कि ससुराल में प्रताड़ना सहना मजबूरी नहीं, बल्कि उससे बाहर निकलना ही असली हिम्मत है।