बेटियां हमारे परिवार की शान हैं। समाज के सभ्य होने का पैमाना भी हैं। कहते हैं, एक बेटे को बेहतर संस्कार देने से सिर्फ एक परिवार रोशन होता है जबकि एक बेटी के संस्कार से पीढ़ियां फलती फूलतीं हैं। अमर उजाला की मुहिम के तहत राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर ली गई सेल्फी निश्चित रूप से उनमें जोश, जज्बा और आत्मविश्वास भर देगी।
शरन्या
माता : अनुजा मिश्रा, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया