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मेरठ सेंट्रल मार्केट: 35 साल की मेहनत मिट्टी में मिली, 70 करोड़ पर छिड़ा विवाद; अफसरों को क्यों बचा रही पुलिस?

Sat, 11 Apr 2026 01:41 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

मेरठ के शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट मामले में व्यापारियों ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह बाजार अवैध था तो 35 साल तक अधिकारी क्या कर रहे थे? 
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सेंट्रल मार्केट में सीलिंग प्रक्रिया के दौरान जुटे व्यापारी और पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यूपी के मेरठ के शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में व्यापारियों ने जनप्रतिनिधियों और आवास विकास के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने दोषी अधिकारियों पर बेहद हल्की धाराएं लगाई हैं और महीनों बीतने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। 

उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यह बाजार अवैध था तो 35 साल तक अधिकारी क्या कर रहे थे? महिलाओं ने हाथों में पोस्टर लेकर प्रदर्शन करते हुए कहा कि उनके जीवन की जमा पूंजी एक झटके में छीन ली गई है। 

 
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पलायन व मकान बिकाऊ के पोस्टर उतरवाने पर पुलिस से हुई लोगों की नोंकझोक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
व्यापारियों ने कहा कि एक ही दिन में बाजार नहीं बस गया। पिछले 30-35 साल से मेहनत, मशक्कत कर बाजार को खड़ा किया। अगर अवैध था तो आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों ने शुरुआत में ही कार्रवाई क्यों नहीं की। उनका पूरा जीवन बाजार को बसाने में निकल गया अब एकाएक उनकी दुकानें सील कर दी गईं। सभी ने आरोपी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।

 
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सेंट्रल मार्केट में सीलिंग प्रक्रिया - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
70 करोड़ के शमन शुल्क पर छिड़ा विवाद
व्यापारी नेता जितेन्द्र अग्रवाल अट्टू ने दावा किया कि वास्तुविद एवं नगर नियोजक के निर्देशानुसार 80 व्यापारियों को शमन के पत्र मिले थे। इसके तहत 10 फुट फ्रंट छोड़ते हुए 36 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से कुल 70 करोड़ रुपये जमा किए गए। व्यापारियों का तर्क है कि पैसा जमा करने और जगह छोड़ने के बावजूद दुकानें सील कर दी गईं।

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शास्त्रीनगर गुरुद्वारा रोड पर कॉम्प्लेक्स पर सील के दौरान ही बिजली विभाग ने उतारे मीटर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उप आवास आयुक्त ने दावों को नकारा
दूसरी ओर उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने व्यापारियों के 70 करोड़ के दावे को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग के पास अब तक शमन के तौर पर केवल 15 करोड़ रुपये ही जमा हुए हैं। उन्होंने कहा कि नियम अनुसार सेटबैक छोड़ने पर लगभग 700 छोटे दुकानदारों को राहत मिल सकती है। जो धनराशि जमा है उसे व्यापारियों के आवेदन करने पर वापस करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

 
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लोगों ने अपने शोरूम मकानों में बदलने की प्रक्रिया की शुरू, खुद चलाए हथौड़े - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उधार लिया, मालिक से नहीं मांग रहे वेतन
दुकानों पर काम करने वाले अधिकांश कर्मचारी अपने मालिकों के प्रति बेहद निष्ठावान नजर आए। उनका कहना है कि जब उनके मालिकों का जीवनभर का व्यापार उजड़ गया है तो वे अपनी तनख्वाह के लिए उन पर दबाव कैसे डालें। 
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शास्त्रीनगर गुरुद्वारा रोड पर सानफोर्ड अस्पताल पर आवास विकास की टीम ने लगाईं सील - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आमतौर पर हर महीने की 7 तारीख को मिलने वाला वेतन इस बार अटक गया है। श्रमिकों ने बताया कि वे वर्तमान में दोस्तों और रिश्तेदारों से उधार लेकर घर का खर्च चला रहे हैं। उन्हें अपने मालिकों पर पूरा भरोसा है कि हालात सामान्य होते ही उनकी तनख्वाह मिल जाएगी।
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.शास्त्रीनगर गुरुद्वारा रोड पर अमेरिकन किड्स स्कूल पर आवास विकास की टीम ने लगाईं सील - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
माननीयों के लापता के पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल
सेंट्रल मार्केट के व्यापारी अपनी दुकान और व्यापार चौपट होने से गमजदा हैं। व्यापारियों में सबसे ज्यादा गुस्सा भाजपा के जनप्रतिनिधियों के रवैये से है। बुधवार को 44 संपत्तियों पर सीलिंग के दौरान भी किसी भी भाजपा नेता के न पहुंचने से लोग आक्रोशित रहे। 

 

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लोगों ने पलायन के पोस्टर लगाए, दर्द छलका, रोती रहीं महिलाएं - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शुक्रवार को सोशल मीडिया पर भाजपा के जनप्रतिनिधियों के लापता लिखे हुए पोस्ट वायरल हुए। इसमें सांसद, मंत्री, विधायक, महापौर के साथ ही मेरठ से जुड़े पार्टी के आला नेताओं के भी फोटो लगे हैं। तमाम लोग इन पर कमेंट कर अपना गुस्सा बयां कर रहे हैं।

 

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सेंट्रल मार्केट में सीलिंग प्रक्रिया के दौरान तैनात सुरक्षाकर्मी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
व्यापारी नेता जीतू नागपाल नौचंदी पुलिस ने दिया नोटिस
मेरठ व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष पीएल शर्मा रोड निवासी जीतू सिंह नागपाल को नौचंदी पुलिस ने नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सेंट्रल मार्केट में आवास विकास परिषद के द्वारा कार्रवाई की जा रही है। 

 

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सेंट्रल मार्केट में सीलिंग प्रक्रिया के दौरान तैनात सुरक्षाकर्मी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जीतू नागपाल इस कार्रवाई में लोगो को उकसाकर व्यवधान उत्पन्न करने के साथ ही मार्ग अवरुद्ध करने का प्रयास कर रहे हैं। यह नियमों का उल्लंघन है। नोटिस में पुलिस ने जीतू से पूछा है कि आदेशों और निर्देशों का उल्लंघन करने के पर क्यों न आपके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया जाए। इस पर जीतू सिंह नागपाल ने कहा कि वह सेंट्रल मार्केट व्यापार संघ के साथ खड़े हैं। 

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.सेंट्रल मार्केट में सीलिंग प्रक्रिया के दौरान रोती-बिलखती महिला - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने उनको जानबूझकर परेशान करने की मंशा से नोटिस दिया गया है। वह इस तरह के नोटिस से डरने वाले नहीं है। हाउस अरेस्ट करके सरकार व्यापारियों की आवाज को नहीं दबा सकती है।
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.सेंट्रल मार्केट में सीलिंग प्रक्रिया के दौरान रोती-बिलखती महिला - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जीतू ने कहा कि एडीएम सिटी बृजेश सिंह ने उन्हें जेल भेजने की चेतावनी दी थी। उन्होंने सपा आलाकमान को भी इस मामले की जानकारी दे दी है। वह जल्द लखनऊ जाएंगे। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के समक्ष अपनी बात रखेंगे।
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