के के चौबे, अभियोजन पक्ष के वकील
- फोटो : अमर उजाला
सजा के ऐलान से ठीक पहले जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोनों मुजरिमों को पेश किया गया। जब अदालत ने मुस्कान की आंखों में आंखें डालकर सीधा सवाल दागा-'तुम अपने पति की हत्या की दोषी साबित हो चुकी हो, अपने लिए क्या सजा चाहती हो?'
इस सवाल पर जिस औरत के हाथ अपने ही सुहाग की गर्दन काटते वक्त नहीं कांपे थे, वह सलाखों के पीछे थरथरा उठी। उसने ममता का झूठा चोला ओढ़ते हुए गिड़गिड़ाकर कहा-'मेरी दोनों बेटियां बहुत छोटी हैं, उनका ख्याल रखा जाए... मुझे कम से कम सजा दी जाए।' इतना कहते ही उसकी जुबान लड़खड़ा गई और वह सिर झुकाकर सन्नाटे में डूब गई।