मेरठ बवाल
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वहीं एक और पीड़िता इमराना रो-रोकर कहने लगी कि अब बेटियों की शादी कैसे होगी। दहेज का सामान जलकर राख हो गया और घर में कुछ नहीं बचा। बेटियों की शादी करना तो दूर की बात, अब उनको खाना खिलाना भी मुश्किल हो रहा है। भूसा मंडी और मछेरान की इस बस्ती में रहने वाले करीब 200 परिवारों को यह जख्म मिला है। अब हर किसी की जुबां पर केवल यही सवाल है कि आखिर कौन है, जिसने उनके घर उजाड़कर सपने चूर कर दिए।