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Meerut: सेंट्रल मार्केट में 661/6 कॉम्पलेक्स ध्वस्त, आज भी चल रही जेसीबी, बाजार छावनी में तब्दील

Sun, 26 Oct 2025 10:59 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Shastrinagar Central market: सेंट्रल मार्केट के अवैध कॉम्प्लेक्स पर शनिवार को करीब पांच घंटे तक कार्रवाई चली। लगभग पूरा कॉम्प्लेक्स  जमींदोज कर दिया गया। बचा हुआ हिस्सा आज रविवार को तोड़ा जा रहा है। 
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रविवार को कॉम्प्लेक्स पर की जाती कार्रवाई। - फोटो : अमर उजाला
शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में आवासीय भवन 661/6 में व्यावसायिक कॉम्पलेक्स पर आखिरकार शनिवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हाइड्रा जेसीबी ड्रिलर मशीन से ध्वस्तीकरण हुआ। रात से ही पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। वहीं शुक्रवार रात से व्यापारियों के दुकान खाली करने का सिलसिला शनिवार सुबह तक चलता रहा। ट्राली, पिकअप आदि गाड़ियों में सामानभर व्यापारी अपने घर और अन्यत्र ले गए। चार घंटे तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में मुख्य मार्ग की ओर का हिस्सा और पीछे का काफी भाग ध्वस्त कर दिया गया। रविवार को अवकाश के दिन भी ध्वस्तीकरण होगा। मामले में सोमवार को सुनवाई होनी है।
 
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अवैध कॉम्प्लेक्स का ये हाल हो गया। - फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जेबी पारदीवाला और आर. महादेवन की खंडपीठ ने आवासीय भवन 661/6 में व्यावसायिक कॉम्पलेक्स मामले में 17 दिसंबर 2024 को आवासीय क्षेत्र में भू-उपयोग परिवर्तन कर किए गए सभी अवैध निर्माणों के ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। व्यावसायिक कॉम्पलेक्स को तीन महीने में खाली कराने और उसके बाद आवास विकास परिषद के अधिकारियों को दो सप्ताह में इसे ध्वस्त करने के लिए कहा गया था।
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रविवार को होती कार्रवाई। - फोटो : अमर उजाला
आदेश का अनुपालन न होने पर आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की थी। इस पर छह अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने सुनवाई की। इस मामले में प्रदेश के गृह सचिव, आवास आयुक्त, एसएसपी मेरठ तथा थानाध्यक्ष नौचंदी, व्यापारी राजेंद्र कुमार बड़जात्या, संदीप सिंह, राजीव गुप्ता, सुषमा शर्मा, संगीता वाधवा, चंद्र प्रकाश गोयल, निशि गोयल, अमरजीत व जगप्रीत कौर को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा गया।

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अवैध निर्माण पर एक्शन। - फोटो : अमर उजाला
इस प्रकरण में आवास एवं विकास परिषद की ओर से 44 अधिकारियों और 20 व्यापारियों के खिलाफ हाल ही में थाना नौचंदी में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शनिवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इससे पहले सुबह से आसपास के तमाम रास्ते बेरीकेडिंग से बंद कर दिए गए। हाइड्रा डि्रल मशीन जेसीबी ने मुख्य मार्ग की ओर कॉम्पलेक्स में अलंकार साड़ीज की ओर से ध्वस्तीकरण शुरू किया। जैसे ही ध्वस्तीकरण शुरू हुआ तमाम व्यापारियों की आंखें छलक उठीं। महिलाएं भी रो पड़ीं और बच्चों के लालन पालन को लेकर उलाहना दी। इस बीच कुछ व्यापारियों ने अधिशासी अभियंता आफताब अहमद पर सांप्रदायिकता का आरोप लगाया और बाकी ध्वस्तीकरण न करने की मांग की।
 
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ध्वस्तीकरण के लिए लगाई अतिरिक्त जेसीबी। - फोटो : अमर उजाला
आज भी होगा ध्वस्तीकरण
एडीएम सिटी बृजेश सिंह ने आवास विकास परिषद के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शनिवार को भी ध्वस्तीकरण अभियान चलाएं। दो मशीनें तुड़ाई के लिए और चार जेसीबी लगाई जानी चाहिए। इसके साथ ही निर्देश दिए कि 9 बजे काम शुरू करने से पहले पूरे इलाके में पट्टी खींच दी जाए और किसी को भी अंदर न जाने दिया जाए। इसके साथ धूल के लिए स्प्रिंकल कराने के भी निर्देश दिए। वहीं अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार व अधिशासी अभियंता आफताब अहमद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत शनिवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
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कॉम्प्लेक्स का हाल। - फोटो : अमर उजाला
इस तरह शुरू हुआ था मामला
- आवास एवं विकास परिषद के दस्तावेजों में सेंट्रल मार्केट के नाम से कोई बाजार नहीं है। स्कीम नंबर सात के अंतर्गत शास्त्रीनगर सेक्टर-6 व 2 के अंतर्गत बाजार विकसित होता गया। यहीं पर 288 वर्ग मीटर का भूखंड संख्या 661/6 है, जिसमें 22 दुकानें हैं। विभाग के दस्तावेजों के मुताबिक वीर सिंह निवासी काजीपुर को भूखंड का आवंटन हुआ और 30 अगस्त 1986 को कब्जा दिया गया।
- छह अक्टूबर 1986 को फ्री होल्ड डीड हुई, जिसमें संपत्ति को आवासीय प्रयोग के लिए योजित किया गया।
- विनोद अरोड़ा के नाम पावर ऑफ अटॉर्नी हुई। इसके बाद 22 दुकानों का कॉम्पलेक्स बना दिया गया। 19 सितंबर 1990 को आवास विकास ने कारण बताओ नोटिस भेजकर अवैध निर्माण रोकने को कहा। नौ फरवरी 2004 को आवंटित भूखंड का अवैध रूप से उपयोग किए जाने तथा वाणिज्यिक उद्देश्य के लिए प्रयोग पर निर्माण अधिनियम की धारा-82 के अंतर्गत संपत्ति को हटाया जा सकता था।
- विभाग के मुताबिक प्रतिवादी के कोई जवाब दाखिल न करने पर 23 मार्च 2005 को ध्वस्तीकरण के आदेश पारित हुए। इस पर विभाग की ओर से कोई कार्रवाई न होने पर 17 दिसंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने ध्वस्तीकरण के आदेश दिए।
 
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सेंट्रल मार्केट में कार्रवाई। - फोटो : अमर उजाला
ऐसे हुआ ध्वस्तीकरण
- शनिवार सुबह 8.55 बजे बेरीकेडिंग लगनी शुरू हुई।
- 10.15 बजे डी-ब्लॉक से और सुमित नर्सिंग होम से आने वाली सड़क पूरी तरह बंद कर दी गई।
- मीनाक्षी पब्लिक स्कूल, कॉम्पलेक्स के पीछे मंदिर वाली गली समेत सभी मार्ग बेरीकेडिंग से बंद किए।
- शटडाउन लेकर 11.36 बजे बिजली काटने का काम शुरू हुआ।
- सुबह 11.51 पर हाइड्रा डि्रल मशीन जेसीबी पहुंची।
- अधिकारियों ने पूरा कॉम्पलेक्स भीतर जाकर जांचा कहीं कोई भीतर तो नहीं रह गया।
- दोपहर 12.28 बजे से ध्वस्तीकरण शुरू हुआ।
- दोपहर 3.37 बजे तक मशीन से ध्वस्तीकरण हुआ।
- शाम 4.15 बजे मिनी जेसीबी से मलबा हटाया गया।
- शाम 5.50 बजे तक मलबा हटा और 6.10 बजे कॉम्पलेक्स को सील किया गया।


 
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