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मैं कैसे आ जाऊं, यहां और भी तो हैं मां के लाल, किस्मत वालों को मिलता है ऐसा मौका

Tue, 19 Feb 2019 12:22 PM IST
Dimple Sirohi सचिन त्यागी, अमर उजाला, मेरठ
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martyr ajay kumar
सिपाही अजय कुमार सेना के स्पेशल दस्ते डेल्टा का अहम हिस्सा थे। वह अक्सर सर्च ऑपरेशन पर जाते रहते थे। ऐसे में परिवार के लोगों को जानकारी रहती थी कि आज अजय कहीं जा रहे हैं। चिंता सबको रहती थी, लेकिन अजय की बातें सबको साहस देती थीं। सीआरपीएफ जवानों पर हुए हमले के बाद उनकी पत्नी प्रियंका घबरा गई थीं।


 
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martyr ajay kumar
फोन करके उन्होंने अजय से कहा कि हालात ठीक नहीं लग रहे। आप घर आ जाओ। इस पर अजय ने कहा कि आप ऐसा बोलेंगी तो कैसे होगा। यहां और भी मां के लाल हैं। इसके बाद उन्होंने मां कमलेश से भी बात की। कहा कि चिंता मत करो मां, देश की रक्षा कर रहा हूं।
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martyr ajay kumar
सिपाही अजय कुमार की मां बताती हैं कि उनका बेटा बहुत बहादुर था। एक दिन फोन करके बताया कि मां शाम को टीवी पर खबर देखना। हमारी टीम ने एक आतंकी को मार दिया है। टीवी पर आऊंगा। मां ने कहा कि बेटा कि तू ये काम करता रह, लेकिन हमें तेरी हर वक्त फिक्र लगी रहती है। अब तो घर में बस तू ही है। भाई की मौत होने के बाद तू ही सब कुछ है। मां कमलेश बताती हैं, इसके बाद वो कहने लगा कि मां मुझे कुछ नहीं होगा। देश का काम कर रहा हूं। ऐसा मौका बहुत कम लोगों को मिलता है।  
 

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martyr ajay kumar
पत्नी प्रियंका ने बिलखते हुए बताया कि जब भी ऑपरेशन में जाते थे तो सबको फोन करते थे, लेकिन कभी भी ऐसी बात नहीं की कि दिल भारी हो जाए। बस यही कहते थे कि मैं अकेला थोड़े इस काम को कर रहा हूं, और भी तो सिपाही हैं। सबके घर में मां-बाप, भाई-बहन, पत्नी बच्चे हैं। वे नहीं करेंगे तो कोई तो करेगा ही। बताती हैं कि सीआरपीएफ के जवानों पर हमले के बाद भी यही बोले कि      आप चिंता मत करो और भी मां के लाल यहां पर साथ हैं।
 
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father
‘मैं अपाहिज हो गया, लेकिन खून के बदले खून चाहिए’
सेना से रिटायर्ड वीरपाल सिंह से दूसरे बेटे का साया भी छिन गया। यह दर्द उनकी जुबां पर आ गया। इसके बाद भी वह देश सेवा के लिए तैयार थे। उन्होंने कहा कि भले ही मैं अपाहिज हो गया हूं, लेकिन खून का बदला खून से लेने का समय आ गया है। अब सरकार को दुश्मन को करारा जवाब देने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। छह माह के अंदर दोनों बेटे इस संसार से विदा हो गए। बड़े भाई की अचानक मौत हो जाने के बाद से शहीद अजय काफी परेशान थे। लेकिन, मां-पिता और पत्नी के लिए सहारा थे।
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सोमवार को उनके शहीद होने की खबर आते ही घर में मातम छा गया। इसके बाद भी पिता ने कहा कि कश्मीर में धारा-370 को तुरंत हटाना होगा। आतंकवाद के खात्मे के लिए कड़े निर्णय लेने होंगे। अजय के पिता भी 20-ग्रेनेडियर में तैनात रहे थे। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के समय बस देश ही दिखाई देता है। जवान अपने परिवार को भूल जाता है। उसे दुश्मन को करारा जवाब देने की लगी रहती है।  

 
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martyr ajay kumar
पिता की जुबां पर आया दर्द, बोले - अब बदला लेने का वक्त‘पत्थरबाजों को गोलियों से उड़ा दो’
मां कमलेश ने कहा कि अब समय है पत्थरबाजों को गोलियों से उड़ाने का। मेरे घर का चिराग बुझा है तो उनका भी बुझना चाहिए। 
 
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