फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'साइकिल फैंटम' लेकर एसएसपी ऑफिस पहुंचा शख्स, वर्दी में देख पुलिस अफसर भी चकराए

Thu, 20 Dec 2018 06:10 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
1 of 6
farhat ali
यूपी के मेरठ में एसएसपी ऑफिस पर साइकिल फैंटम सहित पुलिस की वर्दी में पहुंचे एक व्यक्ति को देखकर हर कोई हैरान रह गया। अधिकारी यह देखकर हैरान थे आखिर शहर में साइकिल फैंटम कब से शुरू हुई और ये अफसर जैसा दिखने वाला शख्स आखिर है कौन? लेकिन जब सच्चाई मालूम चली तो हर कोई चौंक गया।
विज्ञापन

2 of 6
farhat ali
कहते हैं दिल में देश सेवा का जज्बा और समाज के लिए कुछ करने का जुनून हो तो इंसान कोई न कोई रास्ता निकाल ही लेता है और इस बात को सच कर दिखा रहे हैं मेरठ के फरहत अली। लिसाड़ी गेट के रहने वाले 50 वर्षीय फरहत एक आम इंसान हैं। वह हर रोज सुबह पुलिस की वर्दी पहनकर तैयार होते हैं और अपनी साइकिल फैंटम उठाकर घर से निकल जाते हैं इसके बाद दिन भर जाम से जूझ रहे लोगों की मदद करते हैं। 
विज्ञापन

3 of 6
farhat ali
फरहत हमेशा समाज के लोगों की मदद करना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने एक अनोखा तरीका खोजा। उन्होंने सबसे पहले एक साधारण साइकिल खरीदी। इसके बाद वायरलेस सेट, माइक, हूटर, लाईट और स्पीकर आदि साइकिल में फिट कराया। फरहत अली ने बताया कि इस सब पर उन्होंने तकरीबन अठारह हजार रुपये खर्च कर दिए हैं। 

4 of 6
farhat ali
फरहत अली के मुताबिक वह बारात घरों की पार्किंग का ठेका लेते हैं और इसके अलावा लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुधारने में यूपी पुलिस की मदद करते हैं। वह एक पुलिस अधिकारी की तरह ही लोगों को लेन में चलने और आहिस्ता चलने की गुजारिश करते हैं। 

 
विज्ञापन

5 of 6
farhat ali
उनसे जब पूछा गया कि क्या इस काम के लिए उन्हें कोई पैसा भी दिया जाता है। इस पर फरहत बताते हैं कि वह समाज सेवा के तौर पर यह काम कर रहे हैं और इसके लिए कोई पैसा नहीं लेते हैं। आपको बता दें कि उन्होंने अपनी साइकिल पर पुलिस के बोर्ड भी लगाए हुए हैं जिस पर लिसाड़ी थाना क्षेत्र की पुलिस चौकी का ब्यौरा लिखा गया है। साथ ही वह एक डंडा भी साइकिल  में रखा हुआ है।  

 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
farhat ali
एसपी सिटी रणविजय सिंह से जब फरहत अली के बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह लोगों की सेवा करना चाहते हैं इसलिए वह ऐसा करते हैं। वह यह सब अपने खर्चे पर कर रहे हैं और पुलिस प्रशासन की ओर से उन्हें किसी तरह का सर्टिफिकेट नहीं दिया गया है।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें