इतिहास के गवाक्ष से
केके शर्मा की पुस्तक ‘मेरठ जनपद के पर्यटक स्थल’ में लिखा है, सरधना में कैथोलिक कब्रिस्तान के निकट प्राचीन महादेव मंदिर स्थित है। प्राचीन काल में इसे वनखंडी के नाम से जाना जाता था। अनुश्रुतियों के अनुसार बरनावा स्थित लाक्षागृह जाते समय पांडव इस स्थान पर ठहरे थे।
रात्रि विश्राम के समय माता कुंती को यह स्वप्न आया था कि लाक्षागृह के जिस महल में पांडव जा रहे हैं, वहां पर दुर्योधन द्वारा उन्हें मारने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही स्वप्न में सुरक्षा के उपाय भी सुझाये गए थे। जिस स्थान पर पांडव ठहरे थे, वहां उनके द्वारा शिवलिंग की स्थापना की जाए।