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चंद्र ग्रहण: 149 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग, राशियों पर पड़ेगा ये प्रभाव, इस जाप से दूर होंगे कष्ट

Sun, 14 Jul 2019 01:22 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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चंद्र ग्रहण 2019
16 जुलाई की मध्यरात्रि होने वाले चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग 149 साल बाद बन रहा है। क्योंकि, गुरु पूर्णिमा के साथ-साथ ही इस बार चंद्र ग्रहण पड़ रहा है। इसके फलदायी और हानिकारक परिणाम भी होंगे। ग्रहण के समय पूजा-अर्चना करना और दान करना उत्तम होगा -
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चंद्र ग्रहण 2019 - फोटो : ani
भारत में दिखाई देने वाला चंद्र ग्रहण 16 जुलाई की मध्य रात्रि को आरंभ होगा, जो इस वर्ष का सबसे बड़ा ग्रहण कहलाएगा। भारतीय समय अनुसार चंद्र ग्रहण रात्रि 1:31 बजे से आरंभ होगा और सुबह 4:30 बजे तक रहेगा। ग्रहण का कुल समय दो घंटे 59 मिनट को होगा। सहारनपुर के आचार्य रोहित वशिष्ठ ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग 149 वर्ष बाद बना है।

 
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चंद्रग्रहण का राशियों पर प्रभाव
ग्रहण का सूतक शाम 4:31 बजे से आरंभ हो जाएगा। इसके बाद चंद्र मालिन्यकाल रात्रि 12:12 बजे शुरू होगा। चंद्र निर्मलता काल प्रात: 5:59 बजे शुरू होगा।  इस ग्रहण का प्रभाव फलदायी और हानिकारक दोनों तरह का रहेगा।  इसलिए ग्रहण के समय मंत्रों का जाप करना और अन्न का दान करना मनुष्य के लिए लाभदायक होगा। ताकि जीवन पर चंद्र ग्रहण का दुष्प्रभाव न पड़े। 

 

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lunar eclipse 2019 - फोटो : ani
जाप और दान करने से कष्ट होंगे दूर 
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि ग्रहण उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के प्रथम चरण में स्पर्श करके उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के द्वितीय चरण में समाप्त होगा। इसलिए धनु एवं मकर राशि में उत्पन्न जातकों को विशेष रूप से चंद्र-राहु का जाप करना चाहिए।
धनु राशि के स्वामी गुरु एवं मकर राशि के स्वामी शनि का जप एवं  दान करना कल्याणकारी रहेगा। जिन जातकों को यह ग्रहण अशुभ फल देने वाला है, उन्हें अपनी राशि के अनुसार वस्तुओं का दान एवं ग्रहण काल में अपनी राशि के स्वामी का मंत्र जप करना चाहिए। 
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चंद्रग्रहण - फोटो : अमर उजाला
ऐसा करने से होगा नुकसान 
ज्योतिषचार्यों के मुताबिक ग्रहण काल में देवी-देवताओं की मूर्ति का स्पर्श नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही अनावश्यक खानपान, सोना, नाखून -बाल काटना, हजामत बनाना, तेल मालिश करना, मल-मूत्र त्यागना, अनावश्यक घूमना नुकसान दायक साबित होगा। छोटे बालक, रोगी एवं वृद्ध व्यक्ति आवश्यकतानुसार जल औषधि का सेवन कर सकते हैं।
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राशि
राशियों पर पड़ेगा यह प्रभाव 
मेष:- शरीर कष्ट की संभावना। इसलिए ग्रहण के समय जाप करें और दान निकालें। 
वृष:- चिंता एवं संतान कष्ट की संभावना है। 
मिथुन:- शत्रु का भय रहेगा और लाभ साधारण रहेगा और खर्च अधिक रहेगा।
कर्क :- दांपत्य जीवन में अनावश्यक रूप से परेशानी खड़ी हो सकती है। 
सिंह:-  रोग में वृद्धि की संभावना है। कोई गुप्त चिंता एवं परिवार में झगड़ा हो सकता है। 
कन्या:- खर्च में अधिकता रहेगी और बनते कार्य में रुकावट रहेगी।
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राशि
तुला:- तुला राशि वालों के लिए ग्रहण शुभ रहेगा। समस्त कार्य की सिद्धि एवं धन लाभ रहेगा।
वृश्चिक:-  ग्रहण मिश्रित फल वाला रहेगा। इसमें धन लाभ भी होगा। साथ-साथ खर्च भी बढ़ेगा ।
धनु:- यह ग्रहण थोड़ा कष्टकारी रहेगा। धन की हानि, शारीरिक परेशानी होने के साथ यात्रा करनी पड़ सकती है।
मकर:- दुर्घटना के कारण चोट लगने की संभावना है। 
कुंभ:- धन हानि हो सकती है। 
मीन:- यह ग्रहण शुभ रहेगा। धन लाभ एवं आर्थिक तथा सामाजिक उन्नति का योग बनेगा।
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चंद्रग्रहण
स्नान कर इस मंत्र का जाप करें 
आचार्य रोहित वशिष्ठ और तहसील शिव मंदिर के अधिष्ठाता पंडित अभिषेक कृष्णात्रेय के मुताबिक ग्रहण प्रारंभ होने से पूर्व स्नान करना चाहिए। इसके बाद ग्रहण काल आरंभ होते ही 'श्री विष्णवे नम:' मंत्र का जप करना चाहिए। ग्रहण समाप्त होने तक निरंतर मंत्र जप करते रहना चाहिए।

गर्भवती स्त्री को ग्रहण शुरू होने से पूर्व पवित्र स्थान पर बैठकर अपनी गोद में सूखा नारियल रखना चाहिए। ग्रहण के समाप्ति तक सभी को  'श्री विष्णवे नम:' मंत्र का जाप करना चाहिए। ग्रहण के बाद नारियल को घर का कोई भी सदस्य बहते जल में प्रवाहित कर दे। 
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