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मेरठ में सौ बीघा जमीन पर नरेंद्र मोदी करेंगे चुनावी शंखनाद, भीड़ जुटाना होगा बड़ी चुनौती  

Mon, 25 Mar 2019 04:45 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 28 मार्च को होने वाली रैली की तैयारी में भाजपा के साथ जिले का पुलिस प्रशासन भी जुट गया है। जिलाधिकारी अनिल ढींगरा और एसएसपी नितिन तिवारी ने रैली स्थल पर तमाम व्यवस्थाओं को लेकर ब्लू प्रिंट तैयार किया। आज सोमवार सुबह साढ़े नौ बजे रैली स्थल का भूमि पूजन किया गया।

एनएच-58 स्थित सिवाया टोल प्लाजा के पास भगवती कॉलेज के पीछे पड़ी करीब सौ बीघा जमीन पर नरेंद्र मोदी पश्चिमी क्षेत्र के चुनाव का शंखनाद करेंगे। मेरठ और मुजफ्फरनगर लोकसभा की इस संयुक्त रैली को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं पर गहन मंथन किया। इस दौरान भाजपा नेताओं के साथ भी तमाम बिंदुओं पर चर्चा की। 
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रैली स्थल पर भूमिपूजन करते भाजपा नेता - फोटो : अमर उजाला
रैली तो अब यहीं होगी
डीएम और एसएसपी से पीडब्लूडी के अधिकारियों ने कहा कि यहां जमीन कम होने के कारण तीन हेलीपैड बनाने में परेशानी होगी। इस पर भाजपा नेताओं ने कहा कि रैली तो अब यहीं होगी, तो कैसे भी करके इसकी व्यवस्था करें। काफी देर मशक्कत के बाद तीनों हेलीपैड बनाने की सहमति बनी।
  
रैली स्थल पर तैयारी तेज 
जमीन को समतल करने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली और जेसीबी से काम किया जा रहा है। जेसीबी से मंच बनाने के लिए कार्य शुरू हो गया है। रैली स्थल पर रविवार को भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संजीव गोयल सिक्का, जिलाध्यक्ष रविंद्र भड़ाना, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष अंकुर मुखिया, किसान मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अजय भराला, मोनू अहलावत दौराला आदि रहे। 
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रैली स्थल पर होती तैयारियां
भीड़ जुटाना होगा चुनौती  
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरठ में दो बार जनसभा कर चुके हैं और दोनों बार भीड़ अच्छी रही थी। लेकिन इस बार भीड़ जुटाना बड़ी चुनौती होगा। इस बार रैली दो लोकसभा क्षेत्रों के स्तर पर की जा रही है। इसमें 3.50 लाख की भीड़ का लक्ष्य तय किया गया है। लेकिन माहौल और कार्यकर्ताओं की उदासीनता को देखते हुए इस लक्ष्य के आसपास जाना बड़ी चुनौती होगा। 

नरेंद्र मोदी की पहली रैली 2 फरवरी 2014 को हुई थी। यह रैली उस समय की गई थी जब भाजपा ने अपने प्रत्याशी भी घोषित नहीं किए थे। यह रैली पश्चिमी क्षेत्र के सहारनपुर और मेरठ मंडल के जनपदों की थी। ऐसे में सभी 10 लोकसभा सीटों के दावेदार अपने दावे को मजबूत करने के लिए इस रैली में भीड़ लेकर पहुंचे थे, जो ऐतिहासिक  हुई थी। 

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रैली स्थल - फोटो : अमर उजाला
दूसरी रैली 4 फरवरी 2017 में विधानसभा चुनाव को लेकर हुई थी और इस रैली के समय भी प्रत्याशी घोषित नहीं हुए थे। दावेदार अपने साथ भारी भीड़ लेकर पहुंचे थे। लेकिन इस बार प्रत्याशी पहले ही घोषित हो चुके हैं, तो प्रत्याशियों के जिम्मे ही भीड़ का ज्यादा भार रहेगा।

ऊपर से टिकट वितरण को लेकर पैदा हुआ असंतोष भी रैली की भीड़ को कहीं न कहीं प्रभावित करेगा। भाजपा नेतृत्व रैली में भीड़ लाने के लिए मुजफ्फरनगर और मेरठ लोकसभा सीट के सभी भाजपा विधायकों के साथ ही हस्तिनापुर और सिवालखास विधायक पर भीड़ जुटाने का दबाव दे रहे हैं। 
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रैली स्थल पर तैयारियां - फोटो : अमर उजाला
भीड़ को देखते हुए बदला रैली स्थल 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली जागृति विहार एक्सटेंशन स्थित राष्ट्रोदय स्थल पर प्रस्तावित थी। लेकिन शनिवार को मुजफ्फरनगर लोकसभा को भी रैली से जोड़ते हुए रैली स्थल एनएच-58 पर सिवाया टोल प्लाजा के पास कर दिया गया। इसके पीछे मुजफ्फरनगर सांसद डॉ. संजीव बालियान का दबाव बताया जा रहा है। लेकिन सूत्रों की मानें तो मेरठ से भीड़ को लेकर नेतृत्व भी चिंता में था। 

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