कोराना वायरस के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर मेरठ, शामली और सहारनपुर में हाॅटस्पाॅट को सील कर दिया। मेरठ में जहां प्रतिदिन की अपेक्षा लोग घरों से बाहर कम निकले तो, वहीं शामली में भी पुलिस के खौफ से कोई सड़कों पर नजर नहीं आया।
लोग घरों की छतों और खिड़कियों से सूनी सड़कों का दीदार करते रहे। इसी तरह सहारनपुर के हाॅटस्पाॅट सील होते ही राशन, दूध और सब्जी की दुकाने नहीं खुलीं। देखें कैसा रहा हाॅटस्पाॅट सीलिंग का पहला दिन-
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उत्तर प्रदेश में लाॅकडाउन
- फोटो : amar ujala
मेरठ में बुधवार 12 बजे से जिले के 11 हाॅटस्पाॅट को पूरी तरह सील कर दिया गया। पुलिस रात से ही इन हाॅटस्पाॅट में पहुंचकर लोगों से सुपर लाॅकडाउन का पूरी तरह पालन करने की अपील करती रही तो वहीं पुलिस अधिकारियों ने फोर्स के साथ चिन्हित इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला।
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शास्त्रीनगर सेक्टर-13, यहां से पहला कोरोना का मरीज मिला था। यहां पर पुलिस का सख्त पहरा है। हालांकि, जनता ने लाॅकडाउन के साथ साथ सीलिंग के दौरान भी प्रशासन के आदेशों का पूर्णतया पालन किया। लोग घरों में ही कैद रहे। लोगों का कहना है कि देश को बचाने के लिए वे हर संभव सहयोग करेंगे। वहीं, नगर निगम की टीम ने क्षेत्र में सैनिटाइजिंग कराई।
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कोरोना प्रभावित क्षेत्रों में सुपर लॉकडाउन का असर शहर के अन्य क्षेत्रों में भी दिखाई दिया। मेरठ के पुराना कमेला रोड पर जहां रोजाना काफी भीड़ रहती थी, वहां आजा इक्का-दुक्का लोगों को छोड़कर सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
कमेला रोड पर स्थानीय लोगों ने बताया कि कल के मुकाबले आज लोग घरों पर ही हैं। जरूरत का सामान कल ही खरीद लिया गया था। पुलिस की भी सख्ती काफी बढ़ गई है।
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सहारनपुर जिले के कोरोना संक्रमण से प्रभावित चार क्षेत्रों में सीलिंग के दौरान गुरवार को इन क्षेत्रों के लोगों के साथ ही राहगीरों को भी काफी मुश्किलों से गुजरना पड़ा।
दूध विक्रेताओं को बैरियर पर ही रोक दिया गया। राशन, बैंक की दुकानें बंद रहीं। सील किए गए इलाकों में कुछ लोगों की सूचना पर घर तक राशन और सामग्री पहुंची। मगर अधिकतर लोग फोन पर परेशानियां बताते रहे।
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सील किए गए क्षेत्रों के साथ ही कई मार्गों से होकर आने वाले राहगीरों को पुलिस प्रशासन की सख्त चेकिंग से गुजरना पड़ा। कुछ लोगों को सड़क पर ही मुर्गा बना दिया, तो कुछ तो लाठी फटकार कर वापस भेजा गया।
शहर के ढोली खाल, लुहानी सराय, याहियाशाह, पक्का बाग और पास के गांव महीपुरा में लोगों को घरों में ही पूरी तरह कैद रहना पड़ा। कुछ लोगों की परेशानियां देखते हुए कई विभागों ने अपने कंट्रोल रूम नंबर की जानकारी भी पुलिस और अन्य टीमों के माध्यम से पहुंचाई।
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कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए शामली जनपद में चिन्हित किए गए तीन हॉट स्पॉट तिमरसा- नानूपुुरी मोहल्ला, कस्बा झिंझाना और थानाभवन क्षेत्र का गांव भैंसानी इस्लामपुर बुधवार रात 12 बजे तक पूरी तरह सील कर दिया गया। हॉट स्पॉट इलाकों की बेरिकेडिंग कर पुलिस का पहरा बैठा दिया गया है।
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लोग भी घर में रहकर कोरोना के खिलाफ जंग में पूरा सहयोग दे रहे हैं इन इलाकों में गलियां सूनी पड़ी हैं । नानूपुुरी तिमरसा में दमकल की गाड़ी से नगर निगम और दमकलकर्मियों ने सैनिटाइज किया।
उधर, लॉकडाउन में सुबह तीन घंटे तक मिलने वाली छूट के दौरान राशन और सब्जी की दुकानों पर अन्य दिनों के मुकाबले लोगों की भीड़ कम देखी गई।
डीएम जसजीत कौर एसपी विनीत जयसवाल ने तीनों स्थानों का दौरा किया और अधीनस्थों को निर्देश दिए। जनपद के कोरोना संक्रमित मिल चुके 11 जमातियों के संपर्क में आने वाले लोगों का सर्च अभियान चल रहा है। मुख्य फोकस कस्बा झिंझाना बना हुआ है।
जिले में सबसे अधिक त्रिपुरा के आठ जमाती कोरोना संक्रमित झिंझाना में ही मिले हैं। अभी तक कोरोना संक्रमित जमातियों के संपर्क में आए करीब 63 लोगों के सैंपल लेकर जांच को मेरठ मेडिकल भेजे गए है। स्वास्थ्य विभाग को इन सैंपलों की रिपोर्ट का इंतजार है।