फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान आंदोलन: भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत काफिले के साथ दिल्ली रवाना, खापों ने भी भरी हुंकार

Thu, 17 Dec 2020 11:59 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
1 of 8
किसानों का दिल्ली कूच - फोटो : अमर उजाला
गाजीपुर बॉर्डर पर आज होने वाली भाकियू की किसान पंचायत के लिए पश्चिमी यूपी के किसान अपने वाहनों से कूच करेंगे। संगठन के नेताओं ने बताया कि यूपी के विभिन्न जिले के किसान आज ट्रैक्टरों, गाड़ियों, बाइक आदि से दिल्ली कूच करेंगे। किसानों के दिल्ली कूच को लेकर जहां पुलिस प्रशासन मुस्तैद है। वहीं मुजफ्फरनगर से भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत काफिले के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। देखें तस्वीरें: -
विज्ञापन

2 of 8
किसानों का दिल्ली कूच - फोटो : अमर उजाला
जनपद मेरठ व आसपास के किसानों ने परतापुर में इकट्ठा होने की बात कही है। किसान यहां से 15 ट्रैक्टरों और एक दर्जन कारों से दिल्ली कूच करेंगे। उधर, पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन तोमर के मंडल अध्यक्ष चौधरी पदम सिंह एवं जिला अध्यक्ष चौधरी विनीत कुमार सांगवान को उनके आवास पर प्रशासन पुलिस द्वारा नजरबंद कर दिया।
विज्ञापन

3 of 8
भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर से भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत काफिले के साथ दिल्ली रवाना हुए। करीब 25 गाड़ियों के काफिले में डेढ़ सौ के करीब कार्यकर्ता उनके साथ हैं। मुजफ्फरनगर-बागपत बॉर्डर पर पुलिस क्षेत्राधिकारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास नहीं किया, लेकिन उन्होंने किसी की एक न सुनी। चौधरी नरेश टिकैत पहले बड़ौत जाएंगे। वहां पर मीटिंग करने के उपरांत खाप चौधरियों के साथ दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए पुलिस रात भर किसान नेताओं के संपर्क में रही। एसएसपी ने सिसौली पहुंचकर चौधरी नरेश टिकैत से दिल्ली न जाने का आग्रह किया  लेकिन नरेश टिकैत नहीं माने।

4 of 8
किसानों को रोकती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
खतौली से भारतीय किसान यूनियन के मंडल महासचिव राजू अहलावत के नेतृत्व में किसान दिल्ली आंदोलन में भाग लेने के लिए निकल गए। किसानों को गंगनहर पर खतौली पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसान पुलिस को एक साइड कर दिल्ली के लिए आगे की ओर बढ़ गए।
विज्ञापन

5 of 8
वाहनों की चेकिंग करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
बागपत में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर वाहनों की पुलिस मुस्तैदी से चेकिंग कर रही है। हरियाणा और पंजाब के किसानों के आने की सूचना पर चेकिंग की जा रही है। आज खाप चौधरी जिले से होकर गुजरेंगे। यूपी गेट पर होने वाले पंचायत में शामिल होंगे।

सीओ बड़ौत आलोक कुमार और सीओ बागपत ओमपाल सिंह के नेतृत्व में पुलिसबल दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर तैनात है। पुलिस ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को ले जाने से मना कर रही। पंजाब और हरियाणा के किसानों को जिले के रास्ते यूपी गेट और दिल्ली जाने से रोका जा रहा है। निवाड़ा बॉर्डर और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर भी पुलिस बल तैनात किया गया है।
विज्ञापन

6 of 8
किसान को दिल्ली कूच करने से रोकने पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
किसान नेताओं को उनके घरों पर किया नजरबंद
शामली में किसान नेताओं को उनके घरों पर रोकने के लिए सुबह से ही अधिकारी सक्रिय हो गए। जिला स्तरीय अधिकारियो की किसान नेताओं और खाप चौधरियों के घरों पर ड्यूटी लगा दी गई। खुद एडीजी ने खाप चौधरियों से फोन पर बात की। डीएम और एसपी भी उनके दिल्ली जाने के संबंध में जानकारी लेते रहे।
 
जिले में आठ जगहों पर बनाए बैरियर
जिले के साथ ही अन्य जनपदों के किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए जनपद की सीमा में आठ बैरियर बनाए गए हैं। किसानों को सहारनपुर और मुजफ्फरनगर से आने वाले किसानों के साथ ही जिले के किसानों को रोका जाएगा। इन बैरियर पर सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।
विज्ञापन

7 of 8
पुलिस बल - फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर जनपद से भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार के नेतृत्व में नागल से किसानों का जत्था दिल्ली के लिए रवाना हुआ। किसान आंदोलन में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर आज किसान और कार्यकर्ता दिल्ली कूच करने की पहले से ही तैयारी कर चुके थे। इस दौरान किसानों ने नारेबाजी भी की। किसान नेताओं को दिल्ली जाने से रोकने के लिए पुलिस अधिकारी उनके घरों पर पहुंचे हैं।
विज्ञापन

8 of 8
खाप चौधरियों के साथ बैठक करते नरेश टिकैत - फोटो : अमर उजाला
बड़ौत में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार हठधर्मिता कर रही है। अब तक छह दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलाकर किसानों की समस्या का हल निकालना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज किसानों के आंदोलन का 21वां दिन हो चुके हैं, किसान सर्दी के मौसम में खुले आसमान के नीचे पड़ें हैं, लेकिन सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। कहा कि सरकार चाहती है कि किसानों में टकराव पैदा हो। किसान टकराव नहीं चाहते, वे अपनी समस्याओं का समाधान चाहते हैं। सरकार इस मामले को मामूली मानकर चल रहा है जबकि यह गंभीर मामला है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें