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खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2019: मेरठ के इश्मीत ने बॉक्सिंग में जीता कांस्य, पहले भी झटक चुके हैं कई पदक

Sat, 19 Jan 2019 11:53 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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इश्मीत सिंह
मेरठ के रहने वाले बॉक्सर इश्मीत सिंह ने पुणे में चल रही दूसरी खेलो इंडिया राष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में ब्रांज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। इश्मीत महाराष्ट्र के पुणे में  अंडर 21 प्रतियोगिता में शामिल हुए थे। वहीं इस अंडर 21 प्रतियोगिता में शामिल होने वाले वह सबसे यंगेस्ट कंटेस्टंट बन गए हैं। खास बात यह है कि खेलो इंडिया में जीतने वाले हर खिलाड़ी को आठ साल के लिए 5 लाख प्रति वर्ष स्कॉलरशिप राशि खेलों में अपना भविष्य बनाने के लिए दी जाती है। 
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इश्मीत सिंह
दीवान पब्लिक स्कूल के 12वीं कक्षा के छात्र इश्मीत सिंह ने बॉक्सिंग को जिले में नई पहचान दी है। जहां युवा क्रिकेट, शूटिंग, फुटबाल जैसे खेलों में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। वहीं 17 वर्षीय इश्मीत ने बॉक्सिंग खेल में स्टेट स्तर पर चार साल लगातार गोल्ड मेडल जीता है। जबकि नेशनल स्तर पर पांच से ज्यादा मेडल पाकर जिले का नाम रोशन किया हैं। इश्मीत 75 किग्रा भार वर्ग के शानदार मुक्केबाज बन गये हैं। देखें कैसा है उनका ये सफर:-

 
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इश्मीत सिंह
मेरठ में रुड़की रोड़ स्थित आनंद निकेतन निवासी इश्मीत के पिता गुरविंद्र सिंह एसी रिपेयरिंग सेंटर चलाते हैं। इश्मीत की मां लीना कौर व पिता गुरविंद्र दोनों की खेलों में रुचि है। गुरविंद्र सिंह डिस्कस और जेवलिन थ्रो में नेशनल स्तर पर पदक जीते हैं। गुरविंद्र ने बताया कि इश्मीत के कुछ दोस्त बॉक्सर थे, जब वह 14 साल का था तो वह उनके साथ सुबह के समय दौड़ लगाने जाता था। बस दोस्तों को देखकर इश्मीत के मन में भी बॉक्सर बनने का जुनून पैदा हो गया।। शुरुआत में ही इश्मीत ने गाजियाबाद में जिला स्तरीय प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता। जिसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। तीन सालों में इश्मीत के बॉक्सिंग में प्रदर्शन को लेकर परिवार के लोग संतुष्ट हैं। 

 

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इश्मीत सिंह
उन्होंने बताया कि इश्मीत दो साल पहले कैंट स्थित हीरा बाक्सिंग एकेडमी से स्टेडियम आ गया। एकेडमी के कोच हनी के बाद स्टेडियम कोच भुपेंद्र यादव ने इश्मीत की प्रतिभा को निखारा। इश्मीत ने स्कूल स्तर से लेकर जिला, स्टेट व नेशनल स्तर पर 75 किग्रा भार वर्ग में 10 से ज्यादा अहम पदक अपने नाम कर लिये हैं। कोच भुपेंद्र यादव इश्मीत के अंदर भविष्य का बड़ा बॉक्सर देख रहे हैं।
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इश्मीत सिंह
बॉक्सिंग के साथ साथ इश्मीत का पढ़ाई पर भी पूरा फोकस है। इसके साथ ही उन्होंने अपने शरीर पर विशेष ध्यान दिया है। जिसके लिये वो स्पेशल डायट लेते हैं। फास्ट फूड और बाहर के खाने से बचते हैं। इश्मीत सिंह कजाकिस्तान के बॉक्सर ट्रिपल-जी को अपना आईडल मानते हैं। उनको पूरा यकीन है वो एक दिन भारतीय बॉक्सर के रुप में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। वह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर धूम मचाने को बेताब हैं। 

 
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इश्मीत सिंह
2014 - जिला स्तर पर गोल्ड।
2014 - 2018 तक स्टेट चैंपियन। 
2016 - सीबीएसई नेशनल में गोल्ड मेडल। 
2017 - स्कूल गेम्स फेडरेशन आफ इंडिया में गोल्ड।  
2017 - ओपन यूथ स्टेट नेशनल गेम्स में सिल्वर ।
2018 - अंडर-19 जोन में गोल्ड मेडल। 
2019 -खेलो इंडिया यूथ गेम्स अंडर-21 बॉक्सिंग में कांस्य पदक।

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