केदारनाथ से गुप्तकाशी लौट रहा आर्यन हेली एविएशन कंपनी का हेलिकॉप्टर खराब मौसम के कारण दृश्यता कम होने से गौरी माई खर्क में पेड़ से टकराकर क्रैश हो गया। इस हादसे में पायलट सहित सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में बिजनौर की नानी और नातिन भी शामिल हैं।
केदारनाथ में नगीना निवासी अधिवक्ता धर्मपाल सिंह की पत्नी विनोद देवी (67) तथा उनकी नातिन बिजनौर निवासी अतुल विक्रम सिंह की पुत्री तुष्टि रानी (19) की हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने से मौत हो गई।
वहीं, उत्तराखंड प्रशासन ने धर्मपाल के परिजनों को पहले देहरादून आने के लिए कहा। कुछ देर बाद ही परिजनों को सूचित किया गया कि वे सीधे गुप्तकाशी पहुंच जाएं। परिजन इस सूचना पर तुरंत ही रवाना हो गए।
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नानी नातिन की मौत के बाद गमगीन परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना में स्टेशन के सामने धामपुर मार्ग पर रहने वाले अधिवक्ता धर्मपाल सिंह शुक्रवार को पत्नी विनोद देवी, नातिन तुष्टि रानी, पौत्र ईशान (15) और नाती गौरांश (12) के साथ केदारनाथ धाम के दर्शन करने गए थे। परिजनों के अनुसार, केदारधाम के दर्शन करने के बाद रविवार की सुबह करीब पांच बजे विनोद देवी व तुष्टि रानी हेलिकॉप्टर से गुप्तकाशी आ रहीं थीं। धर्मपाल सिंह अन्य सदस्यों के साथ पहले ही दूसरे हेलिकॉप्टर से शेष सदस्यों के साथ गुप्तकाशी आ गए थे।
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मृतक विनोद देवी का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रास्ते में गौरीकुंड के पास खराब मौसम की वजह से एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विनोद देवी और तुष्टि रानी की मौत हो गई। सूचना नगीना पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया।
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फैशन डिजाइनिंग का कोर्स करने वाली तुष्टि ने नानी के साथ सेल्फी भी ली
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेरहम मौसम ने तोड़ दी नानी नातिन की सांसों की डोर
केदारनाथ में बिगड़े मौसम ने विनोद देवी और उनकी नातिन की सांसों की डोर को तोड़ दिया। शनिवार को ही दोनों को गुप्तकाशी आना था लेकिन मौसम खराब होने के कारण हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका। रविवार सुबह जैसे ही हेलिकॉप्टर ने उड़ान भरी तो खराब मौसम के कारण वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
नगीना निवासी धर्मपाल सिंह ने अपने परिवार के साथ शनिवार की सुबह करीब 10 बजे बाबा केदारनाथ के दर्शन कर लिए थे।
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विनोद और तुष्टि की आखिरी सेल्फी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद वे अपनी पत्नी विनोद देवी, नातिन तुष्टि, पौत्र ईशान और नाती गौरांश के साथ हेलिकॉप्टर में सवार होने के लिए दोपहर करीब एक बजे हेलीपैड पर पहुंचे। हेलिकॉप्टर में बैठने का नंबर आया तो छह यात्रियों के बैठने की क्षमता वाले हेलिकॉप्टर में धर्मपाल सिंह, उनके पौत्र ईशान और नाती गौरांश को ही बैठने का मौका मिला।
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गौरी माई खर्क में क्रैश हुआ हेलिकॉप्टर राख
- फोटो : पीटीआई
ये तीनों सकुशल हेलिकॉप्टर से गुप्तकाशी उतर गए, लेकिन बाद में मौसम खराब हुआ तो उनकी पत्नी व नातिन को लेकर आने वाला हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका।
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गौरी माई खर्क में क्रैश हुआ हेलिकॉप्टर राख, शव ले जाते एनडीआरएफ के जवान
- फोटो : पीटीआई
वे दोनों केदारनाथ में ही रुक गई। रविवार सुबह करीब पांच बजे मौसम सही होने की सूचना पर हेलिकॉप्टर ने पहली उड़ान भरी, जिसमें विनोद देवी और नातिन तुष्टि सवार हुई थी। परिजनों का कहना है कि पोस्टमार्टम होने के बाद ही शव को घर पर लाया जा सकेगा।
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गौरी माई खर्क में क्रैश हुआ हेलिकॉप्टर राख, मलबे से उठता धुआं
- फोटो : पीटीआई
बताया गया कि तुष्टि फैशन डिजाइनिंग का कोर्स कर रही थी। वहीं, केदारनाथ में दर्शन के बाद उसने अपने मोबाइल से नानी के संग सेल्फी भी ली। जोकि जीवन की आखिरी सेल्फी साबित हुई।
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गौरी माई खर्क में क्रैश हुआ हेलिकॉप्टर राख, मलबे से उठता धुआं
- फोटो : पीटीआई
केदारनाथ से गुप्तकाशी लौट रहा हेलिकॉप्टर क्रैश, 7 लोगों की मौत
केदारनाथ से गुप्तकाशी लौट रहा आर्यन हेली एविएशन कंपनी का हेलिकॉप्टर खराब मौसम के कारण दृश्यता कम होने से गौरी माई खर्क में पेड़ से टकराकर क्रैश हो गया। इस हादसे में पायलट सहित सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में महाराष्ट्र निवासी 23 माह की मासूम भी है। उसके माता-पिता की भी हादसे में मौत हो गई है।
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गौरी माई खर्क में क्रैश हुआ हेलिकॉप्टर राख, मलबे से उठता धुआं
- फोटो : पीटीआई
हादसे के बाद डीजीसीए ने चारधाम यात्रा के लिए आर्यन एविएशन का संचालन तत्काल निलंबित कर दिया है। कंपनी के दो मैनेजरों पर केस दर्ज किया गया है। उधर, मैसर्स ट्रांस भारत एविएशन के दो हेलिकॉप्टर समान रूप से खराब मौसम की स्थिति में उड़ान भरते पाए गए। इन हेलिकाप्टरों को उड़ा रहे दोनों पायलटों का लाइसेंस भी छह माह के लिए निलंबित कर दिया गया है।
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Uttarakhand helicopter crash
- फोटो : SDRF
रविवार सुबह 5.21 बजे केदारनाथ हेलिपैड से आर्यन हेली कंपनी का हेलिकॉप्टर छह यात्रियों को लेकर गुप्तकाशी के लिए उड़ा। लगभग 5.25 मिनट पर यह हेलिकॉप्टर गौरीकुंड से पांच किमी ऊपर जंगल क्षेत्र में पहुंचा पर यहां गौरी माई खर्क में कोहरा होने से दृश्यता कम होने के कारण पेड़ से टकराकर क्रैश हो गया।
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Uttarakhand helicopter crash
- फोटो : SDRF
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि इस हादसे में पायलट लेफ्टिनेंट कर्नल राजवीर सिंह चौहान (सेनि.) सहित सभी यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस, यात्रा मैनेजमेंट फोर्स के जवान मौके पर पहुंचे और सभी शव बरामद कर लिए। शवों को गौरीकुंड पहुंचाया गया और वहां से जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग भेज दिए गए।
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Uttarakhand helicopter crash
- फोटो : SDRF
हादसे के बाद हेलिकॉप्टर का मलबा भी जल गया। वहीं, केदारनाथ यात्रा हेलिकॉप्टर सेवा के नोडल अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि विजिबिलिटी शून्य होने के कारण हेलिकॉप्टर अचानक पेड़ से टकरा गया जिससे यह हादसा हुआ। डीजीसीए ने दो दिनों के लिए केदारनाथ हेलिकॉप्टर सेवा पर रोक लगा दी है।
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केदारनाथ में हेलिकॉप्टर क्रैश
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
धुआं उठता देखा तो लोगों ने दी सूचना
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि 5 बजकर 24 मिनट पर हेलिकॉप्टर वैली प्वाइंट पर दिखाई दिया। अधिक कोहरा होने के कारण विजिबिलिटी शून्य थी। सुबह 6.13 बजे अन्य हेली कंपनियों ने सूचना दी कि आर्यन कंपनी का हेलिकॉप्टर गुप्तकाशी नहीं पहुंचा है। इस दौरान संपर्क करने पर एक नेपाली मूल के व्यक्ति और साथ गई अन्य महिलाओं ने जानकारी दी कि ऊपरी क्षेत्र में धुआं उड़ रहा है। सूचना पर तत्काल रेस्क्यू दल को भेजा गया। उन्होंने बताया कि गौरीकुंड से पांच किमी ऊपर जंगल क्षेत्र में गौरी माई खर्क में हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ है। यह पूरा क्षेत्र काफी दुर्गम है। रेस्क्यू दल को यहां पहुंचने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।