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कारगिल विजय दिवस: कर्नल सतीश चंद के जज्बे को करोगे सलाम, देखें जंग की 7 दुर्लभ तस्वीरें

Fri, 27 Jul 2018 12:06 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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Kargil Vijay Diwas - फोटो : अमर उजाला
कारगिल की जंग में भारतीय सेना के रणबांकुरों ने जो कुर्बानियां दी हैं वह आज सुनहरे अक्षरों में अंकित हैं। माइनस डिग्री तापमान और हाड़ कंपा देने वाली ठंड में जहां सांस लेना तक मुश्किल होता है, वहां हमारे फौजी दुर्गम पहाड़ियों में दुश्मन से दो-दो हाथ कर रहे थे।

1999 में लड़ी गई इस जंग में मेरठ के कर्नल सतीश चंद त्यागी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 19वें कारगिल विजय दिवस पर कर्नल त्यागी ने अमर उजाला के साथ अपने अनुभव बांटे और कुछ ऐसी तस्वीरें हमें दीं, जिन्हें उन्होंने एक दशक से संजोकर रखा है। इन खास तस्वीरों में देखते हैं भारतीय सेना की कारगिल जीत के कुछ शानदार नजारे :-
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महत्वपूर्ण चोटियों से खदेड़ी पाकिस्तानी सेना

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कारगिल युद्घ में तैनात भारतीय सेना - फोटो : अमर उजाला
राष्ट्र के सम्मान व अखंडता की रक्षा के लिए इन दिन शहीदों द्वारा दिए गए बलिदान को हमेशा याद किया जाएगा। ऐसे वीर जांबाजों ने देश की खातिर अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया और कारगिल की ऊंची चोटियों पर लड़े। भारतीय सैनिकों ने इस लड़ाई में पाकिस्तानी सेना को उन महत्वपूर्ण चोटियों से खदेड़ा था, जिन पर पाकिस्तानी सेना ने धोखे से कब्जा कर लिया था। 
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मेरठ से तैनात की गईं थी सेना की दो रेजीमेंट

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कारगिल युद्घ में तैनात भारतीय सेना - फोटो : अमर उजाला
इस जंग में इस जंग में 18 गढ़वाल राइफल्स और 197 कारगिल रेजीमेंट ने अहम भूमिका निभाई थी। इन दोनों ही रेजीमेंट्स को मेरठ से जम्मू कश्मीर कारगिल हिल पर कब्जा करने के लिए भेजा गया था। मेरठ के कर्नल सतीश चंद त्यागी भी उस वक्त जम्मू कश्मीर में ही थे। उन्होंने इस लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

कर्नल त्यागी ने जवानों में भरा था जीत का जज्बा

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सेना के अधिकारियों कर्नल सतीश चंद त्यागी - फोटो : अमर उजाला
कहते हैं कि जोश जुनून और जज्बा हो तो समझो आधी जंग जीत ली। लेकिन जब सामने से दुश्मन वार पर वार किए जा रहा हो, और चुनौतीपूर्ण हालातों में सैनिकों का संबल टूटने लगे तो उनका लीडर ही उनमें आगे बढ़कर दुश्मन का मुकाबला करने का जोश पैदा करता है। ऐसी ही नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया था मेरठ के कर्नल सतीश चंद त्यागी ने। कर्नल त्यागी कारगिल जंग के दौरान कमांडेंट के पद पर तैनात थे। कर्नल सतीश को दी गई जिम्मेदारी को उन्होंने बखूबी निभाया।
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527 से भी ज्यादा जवान हुए थे शहीद

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कारगिल युद्घ में तैनात भारतीय सेना के अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
करीब 18 हजार फीट की ऊंचाई पर कारगिल में लड़ी गई इस जंग में देश ने लगभग 527 से ज्यादा वीर योद्धाओं को खोया था वहीं 1300 से ज्यादा घायल हुए थे। बताया जाता है कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यही एक ऐसा युद्ध था जिसमें दुश्मन देश की सेना पर इतनी बड़ी संख्या में बमबारी की गई थी। 
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मगर पीछे नहीं हटे सेना के जवान

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कारगिल में भारतीय सेना व वायुसेना के अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तानियों की गोलाबारी से भारतीय सेना का कारगिल में मौजूद गोला बारूद का स्टोर नष्ट हो गया। लेकिन सैनिकों ने हिम्मत नहीं हारी। हालांकि बाद में भारतीय वायुसेना को कार्यवाही के लिए आदेश दिया गया। 


 
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सैनिकों ने गले मिलकर मनाया जीत का जश्न

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कारगिल जंग के बाद भारतीय सेना के जवान - फोटो : अमर उजाला
अंतत भारतीय सेना कारिगल पर विजय प्राप्त करने में सफल रही और चोटी पर तिरंगा फहरा दिया। सैनिकों ने एक दूसरे को गले लगाकर सफलता की बधाई दी और जीत का जश्न मनाया गया। कर्नल त्यागी ने आज भी उस सुनहरे दिन की खास तस्वीरों को अपनी पास एक एलबम में संभालकर रखा है।

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