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कपसाड़ कांड: मेडिकल रिपोर्ट ने बदला पासा, कोर्ट ने पारस को माना बालिग, फिर जाएगा जेल, पढ़ें-क्या था पूरी घटना

Thu, 11 Jun 2026 10:48 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के चर्चित कपसाड़ कांड में किशोर न्याय बोर्ड ने आरोपी पारस सोम को बालिग घोषित कर दिया है। मेडिकल रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दिए गए फैसले के बाद अब मामले की सुनवाई एससी-एसटी कोर्ट में होगी।

 

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कपसाड़ हत्याकांड, रूबी व पारस दाएं - फोटो : अमर उजाला
मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के चर्चित कपसाड़ कांड में आरोपी पारस सोम की उम्र को लेकर पिछले पांच महीनों से चल रही कानूनी जंग का बुधवार को पटाक्षेप हो गया। किशोर न्याय बोर्ड (जेजे बोर्ड) ने सभी तथ्यों, शैक्षणिक दस्तावेजों और मेडिकल रिपोर्ट का गहन विश्लेषण करने के बाद पारस सोम को बालिग घोषित कर दिया है। 

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कपसाड़ मामला - फोटो : अमर उजाला
इस फैसले के बाद आरोपी को अब बाल संप्रेक्षण गृह से हटाकर मुख्य जेल शिफ्ट किया जाएगा और मामले की आगामी सुनवाई अब एससी-एसटी कोर्ट में होगी। कपसाड़ गांव निवासी नरसी ने सरधना थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया था कि 8 जनवरी 2026 को उसकी मां सुनीता और बहन रूबी खेत पर काम कर रही थीं। इसी दौरान गांव के ही पारस सोम ने रूबी का अपहरण कर लिया।
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आरोपी पारस सोम - फोटो : वीडियो ग्रैब
जब मां सुनीता ने विरोध किया, तो आरोपी ने उनके सिर पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया।  इलाज के दौरान सुनीता की मौत हो गई थी, जिसके बाद गांव में भारी तनाव फैल गया था। पुलिस ने 48 घंटे के भीतर आरोपी पारस सोम को गिरफ्तार कर लिया था और युवती को सकुशल बरामद कर लिया था। 

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सुनीता की फाइल फोटो और हत्यारोपी पारस सोम। - फोटो : अमर उजाला
उम्र को लेकर बचाव पक्ष का दांव और अदालती प्रक्रिया
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जेल भेजा गया था, लेकिन कुछ समय बाद परिजनों ने उसे नाबालिग बताते हुए कोर्ट में अर्जी दी, जिसके बाद मामला किशोर न्याय बोर्ड (जेजे बोर्ड) भेज दिया गया। उम्र को लेकर बचाव पक्ष ने इसे साबित करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था।

बचाव पक्ष ने आदर्श जनता इंटर कॉलेज, कपसाड़ से जुड़ी हाई स्कूल की मार्कशीट पेश की, जिसमें जन्मतिथि 11 मई 2008 दर्ज थी। कोर्ट ने स्कूल के प्रधानाचार्य को तलब किया और स्कूल के एडमिशन रजिस्टर का मिलान किया। 4 फरवरी को कक्षा 5 का सर्टिफिकेट और 7 फरवरी को कोर्ट ने कक्षा 1 से 4 तक के शैक्षणिक रिकॉर्ड भी तलब किए थे। बचाव पक्ष का तर्क था कि सभी कक्षाओं के रिकॉर्ड में जन्मतिथि एक समान है।
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कपसाड़ में सुनीता की हत्या के बाद गमजदा महिलाएं - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मेडिकल रिपोर्ट ने बदला पासा
जेजे बोर्ड ने शैक्षणिक दस्तावेजों और भौतिक साक्ष्यों के बीच विरोधाभास को देखते हुए 12 मई को पारस का मेडिकल परीक्षण कराया। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में पारस की उम्र 19 वर्ष निकलकर आई। चूंकि यह परीक्षण घटना (8 जनवरी 2026) के चार महीने चार दिन बाद हुआ था, इसलिए वैज्ञानिक गणना के आधार पर वारदात के वक्त आरोपी की उम्र 18 वर्ष, 7 माह और 26 दिन निर्धारित की गई।
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आरोपी पारस सोम का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अब मुख्य कोर्ट में चलेगा मुकदमा
किशोर न्याय बोर्ड ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मेडिकल रिपोर्ट और घटना के समय की गणना के आधार पर आरोपी बालिग साबित होता है। बोर्ड ने प्रतिवादी पक्ष की अपील को खारिज करते हुए उसे बालिग घोषित कर दिया है। इस फैसले के साथ ही अब पारस सोम को कानूनी रूप से वयस्क मानते हुए मुख्य न्यायालय (एससी-एसटी कोर्ट) में मुकदमा चलाया जाएगा जहां उसे कठोर कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।
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