मृतक आशुतोष
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मां के चिल्लाने की आवाज सुनकर आशीष बाहर आया तो हमलावरों ने उसे भी घेर लिया और सबसे पहले ठंडे से सिर पर वार किया। इसके बाद दोनों भाई अपने मकान में चले गए, तो मकान में घुसकर आरोपियों ने गोलियां मार दीं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मौके पर काफी लोग जमा थे। जो केवल तमाशबीन बने हुए थे।
चंद लोगों ने बीच बचाव करने का प्रयास किया, जिनके पीछे भी महिपाल तमंचा लेकर दौड़ा। यह भी बताया गया है कि कुछ लोग घटना में बीच बचाव करने की बजाय अपने मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। हालांकि, घटना से जुड़ा कोई वीडियो अभी तक सामने नहीं आया है। यदि भीड़ चाहती तो आशीष और उनके भाई को मरने और उर्मिला का परिवार उजड़ने से बचाया जा सकता था।