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शहीद प्रदीप के बेटे ने कहा- दुश्मनों के सिर धड़ से अलग कर पुलवामा में लटका दिए जाए

Fri, 15 Feb 2019 02:23 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए प्रदीप के परिवार का रो- रोकर बुरा हाल है। शहीद प्रदीप के बेटे सिद्धार्थ का कहना है कि सभी आतंकियों को फांसी यानी मौत की सजा मिलनी चाहिए। सिद्धार्थ ने कहा कि दुश्मनों के सिर धड़ से अलग कर पुलवामा के उसी इलाके में चौराहे पर लटका दिए जाए, जहां यह आतंकी हमला हुआ है।
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
वहीं सिद्धार्थ का कहना है कि सरकार को बात नहीं सीधा अटैक करना चाहिए। एक- एक कर सभी आतंकियों को मार गिराना चाहिए। उधर, प्रदीप की मां और पत्नी का रो- रोकर बुरा हाल है। उनके घर के बाहर ग्रामीणों का तांता लगा है।
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि शुक्रवार को डीएम अखिलेश सिंह और एसपी अजय कुमार प्रदीप के परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शहीद प्रदीप के बेटे सिद्धार्थ को समझाया।

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पाकिस्तान के खिलाफ विरोध- प्रदर्शन करते लोग - फोटो : अमर उजाला
उधर, पूरे शामली जनपद में पाकिस्तान के खिलाफ विरोध- प्रदर्शन किया जा रहा है। यही नहीं बल्कि जगह- जगह पर पाकिस्तान के पुतले फूंके जा रहे हैं। इस दौरान हिन्दुस्तान जिंदाबाद और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लग रहे हैं।
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प्रदीप का फाइल फोटो और साइड में चचेरे भाई अमित - फोटो : अमर उजाला
शहीद प्रदीप के चचेरे भाई अमित का कहना है कि इस हमले से हताश होने की जरूरत नहीं है। एक मां का लाल शहीद हुआ है लेकिन, सैकड़ों खड़े हो गए हैं।
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा सेना को डरने की जरूरत नहीं है पूरा देश उनके साथ खड़ा हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने आतंकियों को मिटाने का जो संकल्प लिया है, उसे जारी रखना चाहिए। अमित ने कहा कि एक- एक कर आतंकियों का खात्मा कर देना चाहिए।
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विलाप करते परिजन
मेरा बेटा बहादुर था
प्रदीप के पिता जगदीश का कहना है कि उसे गर्व है कि उसका बेटा देश के लिए शहीद हुआ है। लेकिन वह चाहते हैं कि सरकार उसकी शाहदत का ऐसा बदला ले कि आतंकियों और पाकिस्तान की सात पुश्तें याद रखें। प्रदीप की शहादत की खबर मिलते ही परिवार में गमों का पहाड़ टूट गया था। परिवार में कोहराम था। पिता जगदीश और मां सुरेंता की आंखों में आंसू थे। पिता जगदीश ने कहा कि उनका बेटा बहादुर था।

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