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पापा एग्जाम है....आखिरी बार स्कूटी ले जाने दो, जिद करके ले गईं दोनों बहनें, फिर हुआ भयानक हादसा

Tue, 10 Dec 2019 01:10 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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accident - फोटो : अमर उजाला
मेरठ  कैंट के नो एंट्री एरिया में सोमवार सुबह दो मासूम बच्चियों की ट्रक से कुचलकर दर्दनाक मौत हो गई। इसका कौन जिम्मेदार है, इसका जवाब देने के बजाय नौकरशाहों ने चुप्पी साध ली है।

दोनों छात्राएं हर रोज की तरह स्कूल जा रही थीं। पिता डरते थे इसलिए स्कूटी से स्कूल नहीं जाने देते थे। लेकिन बेटियों की जिद के आगे झुक गए, मगर उन्हें क्या मालूम था कि उनकी हां, बेटियों को हमेशा के लिए उनसे दूर कर देगी। आगे पढ़ें आखिर कैसे दर्दनाक हादसे की भेंट चढ़ गई दोनों मासूम बहनों की जिंदगी: -
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traffic jam - फोटो : अमर उजाला
सोमवार सुबह के आठ बजे थे। गणपति विहार कंकरखेड़ा निवासी रिटायर्ड हवलदार छोटू सिंह की दोनों बेटियां अनु (16) और अंजली (12) स्कूल के लिए रोजाना की तरह स्कूटी से निकली थीं। बड़ी बेटी अनु कैंट स्थित सिटी वोकेशनल स्कूल में दसवीं की छात्रा थी जबकि छोटी बेटी अंजली पंजाब लाइन स्थित केंद्रीय विद्यालय में कक्षा पांच में पढ़ती थी।
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accident - फोटो : अमर उजाला
छोटा भाई अनुज केवी में पढ़ता है। अनु अपने छोटे भाई-बहन को स्कूटी से केवी में छोड़ती थी और फिर अपने स्कूल जाती थी। सोमवार को अनुज स्कूल नहीं गया था। स्कूटी जब 510 आर्मी वर्कशॉप के पास उमराव एंक्लेव के सामने पहुंची तो पीछे से तेज रफ्तार से आ रहे रोडी से भरे ट्रक ने स्कूटी में जोरदार टक्कर मारी।

दोनों बहनें सड़क पर गिरीं और ट्रक का पहिया दोनों का सिर कुचलता हुआ निकल गया। यह दर्दनाक हादसा जिसने भी देखा, उसकी रूह कांप गई। आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े तो आरोपी चालक ट्रक को छोड़कर वहां से भाग निकला।

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accident - फोटो : अमर उजाला
भगवान का शुक्र है... अनुज स्कूल नहीं गया 
रिटायर्ड हवलदार छोटू सिंह की दो ही बेटियां थीं। परिजनों में कोहराम मचा है। परिजनों ने बताया कि रविवार को अनुज एक रिश्तेदार के यहां शादी में गया हुआ था। रात में देरी से आने के चलते सोमवार को वह स्कूल नहीं गया।

दोनों बहनें स्कूटी से स्कूल गई थीं। भगवान का शुक्र रहा कि अनुज बहनों के साथ स्कूल नहीं गया। यह कहकर पिता छोटू सिंह और मां रिंकी बिलखने लगते हैं। शाम को पोस्टमार्टम के बाद दोनों बहनों के शव पहुंचे तो परिजनों में चीख पुकार मच गई। 
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accident - फोटो : अमर उजाला
...मैं आखिरी बार स्कूल जा रही हूं
हादसे का शिकार हुई दोनों बहनों को पता नहीं था कि आज उनके स्कूल जाने का आखिरी दिन होगा। अनु स्कूल जाने के लिए तैयार होते समय भाई बहन से कह रही थी कि मैं तो आज आखिरी बार स्कूटी से स्कूल जा रही हूं। मेरा आज लास्ट एग्जाम है। उसके बाद छुट्टी पड़ जाएंगी। वहीं, अंजली भी कह रही थी कि स्कूटी से तीनों का एक साथ स्कूल जाना ठीक नहीं है।

पिता को भी यह बात पता थी कि बच्चियों का स्कूटी से स्कूल जाना अभी ठीक नहीं है, इसलिए उन्होंने एक ऑटो चालक से बात कर ली थी। मंगलवार से तीनों बच्चों को ऑटो से स्कूल जाना था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। इससे पहले ही दोनों बहनें हादसे का शिकार हो गई। परिजनों ने जब रोते हुए यह बताया तो आसपास के लोग यही कह रहे थे कि उनकी मौत ही उन्हें वहां पर खींचकर ले गई।
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accident news - फोटो : अमर उजाला
बेस्ट फ्रेंड की मौत पर खूब रोईं सहेलियां 
अनु और अंजली की मौत की सूचना जैसे ही स्कूलों में पहुंची तो मातम छा गया। सुबह प्रार्थना के समय माहौल गमगीन हो गया। साथ पढ़ने वाली सहेलियों का रो-रोकर बुरा हाल था कि अब अपनी बेस्ट फ्रेंड के साथ कभी लंच शेयर नहीं कर पाएंगी।

हादसे में मृत बड़ी बहन अनु सिटी वोकेशनल पब्लिक स्कूल में दसवीं की छात्रा थी। निधन की सूचना मिलते ही स्कूल में शोकसभा हुई और आज के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया।
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accident - फोटो : अमर उजाला
लचर व्यवस्था ने खत्म की दो जिंदगी
शनिवार आधी रात से जब मेरठ छावनी में शुल्क वसूली की व्यवस्था लागू हुई तो रुड़की रोड और मवाना रोड सहित कई मार्गों पर भीषण जाम की स्थिति रही। सोमवार सुबह भी ऐसा ही हुआ।

प्रवेश शुल्क से बचने के लिए एक चालक ने ट्रक को नो एंट्री एरिया में घुसा दिया। वहां से निकलने की जल्दबाजी में चालक ने ट्रक को बेकाबू दौड़ाया और दो बच्चियों को बेरहमी से कुचल डाला। छावनी क्षेत्र में ही कई प्रमुख स्कूल हैं जिनमें रोजाना हजारों छात्र-छात्राएं जाते हैं। इस हादसे के बाद सुरक्षा पर सवाल खडे़ हो रहे हैं। 
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