देश भर में होली की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। कई स्थानों पर होली के कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। वहीं होली पर 30 साल बाद 7 मार्च मंगलवार को पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र सिंह राशि के चंद्रमा में अत्यंत शुभ योग बन रहा है। मेरठ के फलावदा रोड स्थित शिव सरस्वती मंदिर में बुलाई गई बैठक में पंडितों ने यह जानकारी दी। मंदिर के पुजारी मोहन जोशी ने कहा सभी ब्राह्मण एक मत रखें। इस विचार पर सभी ने सहमति जताई।
बैठक में मौजूद पंडितों ने बताया कि होलिका पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 9:30 बजे से लेकर दोपहर 1:58 रहेगा। होलिका दहन के लिए शाम को 6:10 बजे से लेकर 8:30 बजे तक समय शुभ रहेगा। पंडितों ने बताया कि होली पर अपनी राशि के अनुसार पूजन करें। मेष राशि वाले मसूर की दाल से पूजन करें और होलिका की तीन परिक्रमा लगाएं। वृष राशि वाले सूखे नारियल में बूरा भरकर होलिका दहन में डालें।
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होली पर बने गोबर के उपले
- फोटो : अमर उजाला
मिथुन राशि वाले गाय के उपले व मूंग दाल से होलिका पूजन करें। कर्क राशि वाले सफेद रुमाल में चावल रखकर पूजन करें, फिर अपने ऊपर घुमाकर होली दहन में डालें। सिंह राशि वाले गुड़ और गेहूं से होलिका पूजन करें। कन्या राशि वाले जातक मूंग और पालक से पूजन करें। हरा नींबू अपने ऊपर घुमाकर होलिका दहन में डालें।
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चने की दाल
- फोटो : pixabay
तुला राशि वाले पीली सरसों और जायफल से पूजन करें। वृश्चिक राशि वाले मसूर की दाल और पेड़े से होलिका पूजन करें। धनु राशि वाले चने की दाल और कमल गट्टा से पूजन करें।
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सुपारी
मकर राशि वाले नीले कपड़े में उड़द की दाल बांधकर 5 सिक्के रखकर पोटली बनाकर अपने ऊपर घुमाकर होलिका दहन में डालें। कुंभ राशि वाले काले कपड़े में काला कोयला, उड़द की दाल, लोहे का सिक्का बांधकर तीन बार उतारकर होलिका दहन में डालें।