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भावुक तस्वीरें: पांच शवों को देख मची चीख-पुकार, जनाजों में उमड़ा गम का सैलाब

Mon, 05 Nov 2018 09:14 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, शामली
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा के रोहतक-पानीपत मार्ग पर गोहाना में रविवार को हुई भीषण सड़क दुघर्टना में मारे गए जिले के पांच युवकों के शव सोमवार को जब घरों पर पहुंचे तो गम का सैलाब उमड़ गया। इनमें चार कैराना कस्बे और एक शामली शहर का निवासी था। तीन लोग अभी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। सोमवार को एक के बाद एक शव पहुंचे तो हर तरफ चीख पुकार का मंजर था। मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाने और उनके दुख में शरीक होने के लिए लोगों का भारी हुजूम था। हजारों लोगों ने नम आंखों के बीच इन्हें सुपुर्द ए खाक किया। शोक में सोमवार को छड़ियान मोहल्ले के बाजार भी बंद रहे।
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
यूं तो रविवार शाम को ही जिसे पता लगा, वह शोकाकुल परिवारों को ढांढस बंधाने पहुंचता रहा, लेकिन सोमवार सुबह पांच बजे से ही जनाजों में शामिल होने के लिए लोगों की भीड़ मृतकों के घरों पर जुटने लगी थी। मृतक फरमान और फारूक के आवास पर हजारों लोग सुबह से ही जमा थे। यही हाल गांव पंजीठ में मृतक शबनूर और अकबरपुर सुन्हेटी में मृतक सरवेज के आवास का भी था। बेहद गमगीन माहौल और हर किसी की आंखों में आंसू थे।
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
सबसे पहले पहुंचा फरमान का शव 
सुबह साढे़ 10 बजे हरियाणा से एंबुलेंस में सबसे पहले फरमान का शव आया। जैसे ही एंबुलेंस आकर रुकी तो परिजन और रिश्तेदारों की चीख पुकार मच गई और वे शव की ओर दौडे़। महिलाएं बुरी तरह रो रही थीं। उनके विलाप को देखकर हर आंख में आंसू छलक रहे थे। 11 बजे इसी मोहल्ले में एंबुलेंस से फारूक का शव पहुंचा तो यहां भी गम का सैलाब उमड़ पड़ा। सपा विधायक चौधरी नाहिद हसन और नगर पालिका चेयरमैन हाजी अनवर हसन भी मृतकों के आवास पर पहुंचे और सांत्वना दी।

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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
छड़ियान में एक घंटे में उठे दो जनाजे 
दोपहर साढे़ 12 बजे सबसे पहले फरमान के जनाजे की नमाज अदा की गई। इसके बाद जनाजा उठा। इसमें पालिकाध्यक्ष हाजी अनवर हसन सहित कई गणमान्य लोग भी शामिल हुए। बाद में जहानपुरा रोड स्थित कब्रिस्तान में गमगीन माहौल में शव को सुपुर्द ए खाक किया गया। इसके कुछ देर बाद ही फारूक का जनाजा उठा। इसमें भी हजारों की भीड़ शामिल रही। फारूक को भी फरमान की कब्र के पास ही सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
शबनूर की मां का बुरा हाल 
सुबह 11 बजे गांव पंजीठ में शबनूर का शव एंबुलेंस से उसके आवास पहुंचा। यहां भी जिधर देखो उधर ही रोने की आवाजें आ रही थीं। शबनूर के भाई और मां का रोकर कर बुरा हाल था। बाद में शबनूर के शव को भी गमगीन माहौल में सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
अकबरपुर सुन्हेटी में भी शोक 
साढे़ 12 बजे गांव अकबरपुर सुन्हेटी निवासी सरवेज का शव गांव लाया गया। यहां भी सभी ग्रामीणों की आंखें नम थीं। दोपहर दो बजे उसके जनाजे में हजारों लोग शामिल हुए। बाद में कब्रिस्तान में गमगीन माहौल में शव को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
सुहेल के जनाजे में भी हजारों लोग 
हादसे में मारे गए शामली के कलंदरशाह मोहल्ला निवासी सुहेल का शव भी दोपहर बाद पहुंच गया था। इसके जनाजे में भी हजारों लोग शामिल हुए। कैराना रोड कब्रिस्तान में उसका शव सुपुर्द ए खाक किया गया। सुहेल का परिवार पहले कैराना में ही रहता था, लेकिन उसके पिता की मौत हो गई थी। पिता बस चालक थे। लोगों ने परिवार की आर्थिक मदद की मांग भी प्रशासन से की है।

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तीनों घायलों के लिए हो रहीं दुआएं
गोहाना में रविवार को हुई सड़क घटना में कैराना कस्बे के मोहल्ला छड़ियान निवासी फरमान, फारूक और क्षेत्र के  गांव पंजीठ निवासी शबनूर और अकबरपुर सुन्हेटी निवासी सरवेज की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि शामली निवासी सुहेल की भी मौत हो गई थी। कैराना कस्बे के तीन युवक आदिल, हाशिम और उवैस अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। उनके लिए गांव वाले दुआ कर रहे हैं। परिवार की महिलाओं का रोकर बुरा हाल है।

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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
उधर, अपने करीबी ठेकेदार की गमी में शामिल होने के बाद अन्य साथियों के साथ क्रूजर द्वारा वापस भिवानी जा रहा मुबारक भी सड़क हादसे का शिकार हो गया। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद मुबारक का शव बुढ़ाना पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया।

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मुजफ्फरनगर में कस्बे के सफीपुर पट्टी का रहने वाला मुबारक (25) पुत्र अब्दुल रहमान हरियाणा के भिवानी में कपडे़ का कार्य करता था। पांच साल पहले पिता अब्दुल रहमान की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी मुबारक के सिर पर आ गई थी। 10 भाई-बहनों में मुबारक दो बड़ी बहनों को छोड़कर तिसरे नंबर का था। भाई-बहनों व माता की जिम्मेदारी के कारण मुबारक ने अपना निकाह नहीं करवाया था। हरियाणा के भिवानी में शामली जनपद के कस्बा कैराना का रहने वाला नौशाद कपड़े का थोक का कार्य करता था। मुबारक भी कपड़े के कार्य में नौशाद के साथ जुड़ा हुआ था।
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नौशाद की अचानक मौत होने के कारण मुबारक रविवार को कैराना में गमी में शामिल होने आया था। जिसके बाद मुबारक अपने अन्य साथियों के साथ क्रूजर द्वारा वापस भिवानी जा रहा था। रविवार शाम सोनीपत के गांव मुंडलाना के पास क्रूजर भीषण हादसे का शिकार हो गई। इस घटना में 12 लोगों की जान चली गई। मुबारक भी इस घटना का शिकार हो गया। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद मुबारक का शव उसके घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। मृतक के रिश्तेदार व मोहल्ले वाले परिवार वालों को समझाने में लगे रहे। गमगीन माहौल में मुबारक को सुपुर्द ए खाक किया गया।

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