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दिल्ली से दार्जिलिंग तक हैं यूपी के इस अमरूद के जलवे, कश्मीर-हिमाचल के सेब को जमकर दे रहा टक्कर

Mon, 16 Dec 2019 04:51 PM IST
Dimple Sirohi डिम्पल सिरोही, अमर उजाला, सहारनपुर
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अमरूद - फोटो : अमर उजाला
सर्दियों के मौसम में यूपी में हैं और सहारनपुर जिले के अमरूद को नहीं चखा तो क्या चखा? इस अमरूद को खाएंगे तो यकीनन आप सौ रुपये किलो के सेब को फेल कर देंगे। इस अमरूद की बात ही कुछ ऐसी है।
 
यही कारण है कि यहां का पीला अमरूद स्वाद और कीमत दोनों को ही लेकर हिमाचल और कश्मीर की बर्फीली वादियों से आए सुर्ख लाल सेब को जमकर टक्कर दे रहा है। आगे तस्वीरों में देखें आखिर कैसे दूसरे राज्यों तक भी जलवे बिखेर रहा है ये खास अमरूद: -
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अमरूद - फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर जिला यूं तो आम और लीची का उत्पादन क्षेत्र कहलाता है। यहां से आम और लीची दूसरे देशों में भी निर्यात किया जाता है लेकिन अब अमरूद भी इस दौड़ में पीछे नहीं है।
 
जिलें में प्रवेश करते ही सड़क के दोनों और घोड़ा बग्गी पर, ठेले और रेहड़ियों पर सजा धानी, सुनहरा पीला, बड़ा और चमकीला अमरूद अनायास ही अपनी ओर आकर्षित करने लगता है। बाजार में जहां चुनिंदा खरीदार ही सेब की खरीदारी करते नजर आते हैं वहीं ठेले, रेहड़ी पर सुबह लगाया गया अमरूद शाम तक पूरा बिक जाता है।
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guava - फोटो : अमर उजाला
जानकारी के मुताबिक यहां दो हजार हेक्टयर भूमि में अमरूद की बागबानी की जाती है। इससे किसान गर्मी और सर्दी के मौसम में बारी बारी से दो फसलें लेते हैं।

वहीं सर्दियों में आने वाली फसल किसानों के लिए बहार लेकर आती है। इस सीजन में आने वाले फल स्वस्थ, स्वादिष्ट और विशाल होते हैं। जो किसानों को अच्छा मुनाफा भी देते हैं।  
 

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guava - फोटो : अमर उजाला
सेब से मीठा है यहां का अमरूद
इस सीजन में अमरूद 120 रूपये प्रति किलो जबकि कश्मीर का सेब 40 से 50 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। पिछले दो वर्षों से सहारनपुर के अमरूद ने अपनी यह जगह कायम रखी है और कश्मीर का सेब आगे नहीं निकल पा रहा है।
 
उत्पादन से अधिक मिठास के लिये यहां का अमरूद प्रख्यात है। आम के साथ साथ अब अमरूद को भी दूसरे राज्यों में निर्यात किया जाने लगा है। सहारनपुर फल मंडी से  दिल्ली, चंढीगढ और पहाड़ी राज्यों तक भी इसे भेजा जाता है। इसके अलावा मेरठ, मुजफ्फरनगर समेत आसपास के जिलों में भी खूब खाया जाता है। 
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guava - फोटो : अमर उजाला
इन प्रजातियों को आम बिखेर रहा अपनी चमक
सहारनपुर में अमरूद की इलाहबादी सफेदा, बर्फखाना, गुलाबिया, एल 49, श्वेता ऐसी प्रजातियां है जिनसे यहां की मंडियां इन दिनों पटी हुई हैं।
 
इनमें वन केजी प्रजाति के अमरूद की भी इन दिनों खूब ब्रिकी हो रही है। साथ ही मधुमेह रोगियों के लिए भी फायदेमंद बताया गया है। यही कारण है यह बाजार में अपनी धाक जमा रहा है।
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अमरूद - फोटो : अमर उजाला
सेब को दे रहा पटखनी
सहारनपुर के अमरूद का मिठास में मिठास में जहां कोई मुकाबला नहीं है वहीं कीमत के मामले में भी यह सेब को टक्कर दे रहा है।
 
इस सीजन में अमरूद जहां 60 से 120 रुपये प्रति किलो मिल रहा है वहीं कश्मीरी और हिमाचली सेब की कीमत बाजार में 40 से 60 रुपये प्रति किलो है। वहीं सेब की खरीदारी के मुकाबले अमरूद के ठेलों पर खरीदार अधिक नजर आते हैं। नतीजन सेब दौड़ में पिछड़ रहा है।
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guava - फोटो : अमर उजाला
एक नजर दुनिया का सबसे बड़े अमरूद पर भी
आपको जानकर हैरानी होगी कि छत्तीसगढ़ के रायपुर में उत्पादित किया जाने वाला वीएनआर बीही प्रजाति का अमरूद दुनिया का सबसे बड़े आकार का अमरूद है। इस एक अमरूद का वजन 300 ग्राम से एक किलो तक होता है।

कई बार यह डेढ़ किलो भी हो सकता है। अमरूद अधिक नमी वाले स्थानों पर ही होता है। इसके फल में बीज की मात्रा बेहद कम होती है। स्वाद में मीठा और देखने में गोलमटोल व खूबसूरत होता है। कच्चे अमरूद का वजज 200 से 700 ग्राम तक हो सकता है जबकि पकने के बाद यह अमरूद आकार में और अधिक बढ़ जाता है।
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अमरूद
इसलिए फायदेमंद है अमरूद का सेवन
अमरूद में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है। त्वचा संबंधी बीमारियां इसे खाने से दूर हो सकती हैं। चिकित्सकों के अनुसार इस फल में फाइबर, पोटेशियम होता है। पाचन दुरुस्त कर पेट की बीमारियों को कम करता है।
 
यह ब्लडप्रेशर और कॉलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद करता है। हार्ट अटैक के खतरे को कम करता है। अमरूद के नियमित सेवन से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा भी कम होता है।
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