भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर की हत्या के मामले में पुलिस ने दो नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात की वजह रंजिश बताई गई है। मास्टर माइंड नितिन धनकड़ समेत तीन आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी है। वहीं, पीड़ित परिवार ने सीबीआई जांच की मांग की है।
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मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
एसपी अजय कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने थाना क्षेत्र की हेवा पुलिया से संजय खोखर की हत्या के आरोपी ककौर कलां निवासी मयंक डालर और हेवा के अंकुश को गिरफ्तार किया है। मंगलवार रात 1:55 बजे दोनों को पुलिस ने दबोचा और बुधवार को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया।
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मौके पर भीड़
- फोटो : अमर उजाला
एसपी अजय कुमार सिंह और एएसपी अनित कुमार ने भी दोनों आरोपियों से पूछताछ की। एसपी ने बताया कि हत्या के पीछे साल 2018 में हुए झगड़े की रंजिश ही है। वारदात का मास्टरमाइंड छपरौली का नितिन धनकड़ है, जो कि अभी फरार है। गिरफ्तारी आरोपियों से तमंचा बरामद हुआ है।
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मौके पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने बताई ये कहानी
सनसनीखेज वारदात में पुलिस की कहानी यह है कि युवकों के दो गुटों में वर्चस्व को लेकर झगड़ा शुरू हुआ था। इसके बाद 17 नवंबर 2018 में तत्कालीन भाजपा जिलाध्यक्ष संजय खोखर के घर पर दोनों पक्षों का झगड़ा हुआ। हमले में हेवा गांव का विकास गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के बावजूद वह सामान्य स्थिति में नहीं लौट सका और दिव्यांग हो गया। इससे रंजिश और बढ़ गई। उधर, भाजपा नेता संजय खोखर ने अपने बेटे अक्षय खोखर का नाम मुकदमे से निकलवा दिया था। इसी रंजिश के कारण हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया।
खुलासे की जल्दी, क्या और भी हैं वजह
सीएम योगी आदित्यनाथ ने 24 घंटे में वारदात के खुलासे के निर्देश दिए थे। संजय खोखर की हत्या में मुकदमा नामजद हुआ तो पुलिस ने भी फटाफट दो आरोपी गिरफ्तार कर लिए। दोनों अभियुक्तों को मीडिया के सामने नहीं लाया गया। सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या हत्या के पीछे कोई सियासी कनेक्शन तो नहीं है। संजय खोखर बागपत के भाजपा विधायक योगेश धामा के करीबी थे। खुद विधायक और उनके प्रतिनिधि अपनी जान को खतरा बता चुके हैं। ऐसे में सवाल यह है कि सिर्फ रंजिश में ही संजय खोखर की जान गई या कोई दूसरी भी बड़ी वजह है।
दो नामजद आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। हर बिंदु पर जांच होगी। - अजय कुमार सिंह, एसपी