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सिंघु बॉर्डर पर आंदोलन में शामिल हुए जयंत चौधरी, बोले- संकट में देश के किसान, थोपे गए हैं नए कृषि कानून

Thu, 03 Dec 2020 11:42 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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farmers protest किसान आंदोलन, रालोद - फोटो : अमर उजाला
कृषि कानूनों के विरोध में रालोद की तरफ से बुधवार को पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धरना-प्रदर्शन करके विरोध जताया गया। खुद रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी सिंघु बॉर्डर पर किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने कहा कि देश के किसान संकट में हैं, ऐसे में उनकी सेवा करना मेरा कर्तव्य है।
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farmers protest किसान आंदोलन, रालोद - फोटो : अमर उजाला
जयंत चौधरी ने कहा कि तीनों नए कृषि कानून किसानों पर थोपे गए हैं, ये कॉरपोरेट को लाभान्वित करेंगे। उधर, मेरठ में रालोद कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में सांकेतिक धरना देकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
 
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farmers protest किसान आंदोलन, रालोद - फोटो : अमर उजाला
रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी के निर्देश पर सभी रालोद कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया। वहीं, जयंत चौधरी सिंघु बार्डर पर किसानों के धरने में शामिल हुए और खुद किसानों को खाना खिलाया। उन्होंने किसान नेताओं के साथ मुलाकात में कहा कि राष्ट्रीय लोकदल किसान आंदोलन के साथ खड़ा रहेगा। हालांकि उन्होंने आंदोलन में शामिल होने के बावजूद मंच पर जाने से इनकार कर दिया। 

 

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रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी - फोटो : अमर उजाला
उधर, मेरठ में रालोद कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में सांकेतिक धरना दिया। यहां क्षेत्रीय अध्यक्ष यशवीर सिंह ने कहा कि किसान जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। 

 
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farmers protest किसान आंदोलन, रालोद - फोटो : अमर उजाला
सरकार को उनकी मांगों को गंभीरता से लेना चाहिए। सरकार को तुरंत किसानों से वार्ता कर सर्वमान्य रास्ता निकालना चाहिए। कृषि कानूनों को वापस लिया जाए और किसानों को उनके अधिकार वापस दिए जाएं। 

 
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farmers protest किसान आंदोलन, रालोद - फोटो : अमर उजाला
संगठन महामंत्री डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि वैश्विक महामारी और लॉकडाउन के बावजूद किसानों ने अर्थव्यवस्था में सहयोग दिया है। इसलिए केंद्र सरकार कृषि संबंधी तीनों कानून वापस ले। यहां राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. मेराजुद्दीन, पूर्व विधायक डॉ. राजेंद्र शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता सुनील रोहटा, राममेहर गुर्जर, नरेंद्र खजूरी, विनय मल्लापुर, राजीव बालियान, रणवीर दहिया, राजेंद्र जानी, प्रशांत चौधरी, कुलवंत सोलंकी, रतन सिंह आदि ने भी विचार रखे।
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