हमशक्ल का फायदा फिल्मों में ही नहीं, बल्कि रंगकर्म में भी खूब उठाया गया। रविवार को ‘हमशक्ल दरोगा की कहानी’ को हास्य-व्यंग्य रस में पिरोकर मंचित किया गया। भारतीय जन नाट्य संघ इप्टा की ओर से गढ़ रोड स्थित बुद्धा गार्डन में नाटक का मंचन किया गया। शुभारंभ सहारनपुर इप्टा के अध्यक्ष निमिष भटनागर, सुरेंद्र कौशिक एवं केपी सिंह ने किया।
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मंच पर नकली दरोगा
नाटक में कलाकारों ने दो हमशक्ल थानेदारों के बीच चलने वाले खेल और कंफ्यूजन को चरितार्थ किया। नकली थानेदार के कारण असली थानेदार सस्पेंड हो जाता है। नकली थानेदार जो एक हिस्ट्रीशीटर है, अपने साथियों संग एक लड़की को अगवा कर लेता है।
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नाटक करते कलाकार
फिरौती की रकम मांगने के लिए थानेदार का हमशक्ल होने का फायदा उठाता है। अंतत: छिपाछिपी का खेल चलता है और नकली दरोगा के अपराध से पर्दा उठता है।
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मंच पर अकड़ दिखाते दरोगा
कप्तान साहब नकली थानेदार को पकड़कर सजा देते हैं। मंच संचालन डॉ. लता शर्मा व अवनि वर्मा ने किया। विजय भोला, राजकुमार कौशल, ज्ञानदीक्षित, अशोक मेहरा, केके शर्मा, भारत भूषण शर्मा, सुरेंद्र कुमार शर्मा, अनिल कुमार शर्मा व विनोद कुमार बैचेन।
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नाटक का मंचन करते कलाकार
संस्था के संरक्षक हरभजन सिंह, अनिल जैन, अध्यक्ष केपी सिंह, कोषाध्यक्ष हरीश वर्मा, महामंत्री वीरेश कुमार शर्मा, मुकेश तिवारी, धीरज आहूजा, अनुज शर्मा, इंदु लाकरा, बाविल वर्मा।