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Exclusive: स्कूल नहीं खंडहर कहिए जनाब, हर वक्त जोखिम में 250 मासूमों की जान, तस्वीरें दे रहीं गवाही

Mon, 08 Oct 2018 11:20 AM IST
रोहित अग्रवाल, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला
सरकारी स्कूलों की समस्याएं उजागर करने की अमर उजाला की मुहिम में एक ऐसा स्कूल सामने आया है, जो स्कूल कम खंडहर ज्यादा है। मेरठ के लिसाड़ी गेट क्षेत्र की बेल पत्थर कालोनी लखीपुरा स्थित इस स्कूल के लिंटर जर्जर हैं। क्लास रूम के फर्श में गहरे गड्ढे हैं। खिड़कियां टूटी हैं। शौचालय जर्जर और हैंडपंप खराब हैं। छात्रों को लघुशंका और पानी पीने को भी घर या पड़ोसियों के यहां जाना पड़ता है। अमर उजाला ने इस विद्यालय का दौरा किया। पेश है ये रिपोर्ट- 

 
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ये है स्कूल का हाल 

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मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला
काॅलोनी के काफी अंदर बना ये स्कूल गली के खड़ंजे से करीब 6 फीट गहराई में है। स्कूल में 6 कक्ष हैं जिनमें से तीन इतने जर्जर हैं कि उन्हें बंद कर ताला लगा दिया गया है। बाकी तीन कमरे भी जर्जर हैं। छत के लिंटर और दीवारों का प्लास्टर उतरा हुआ है। सरिये साफ नजर आ रहे हैं। बच्चे अधिक होने की वजह से बाहर बरामदे में भी क्लास चलती है। स्कूल के आफिस की छत और दीवारों के लिंटर का भी यही हाल है। बारिश में तो स्कूल की छतों से पानी रिसता है। 
नामांकित छात्र  250
कमरे 06
जर्जर बंद कमरे    03
नियमित शिक्षक 00
शिक्षामित्र   05 
शौचालय  03  
हैंडपंप    01 

 
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अधिकारियों को अवगत करा दिया गया

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मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला
स्कूल की इंचार्ज शिक्षा मित्र सीमा ने बताया कि उनका भी यहां से तबादला हो गया है। उन्होंने यहां की समस्याओं के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत भी कराया है। निरीक्षण के दौरान खुद भी अधिकारी यहां आकर देखते हैं। उन्होंने भरोसा दिया है कि स्कूल की दशा सुधारने को बजट मंगाया जा रहा है। गौरतलब है कि यहां 5 शिक्षामित्र में दो के ट्रांसफर की प्रक्रिया चल रही हैं, 3 शौचालय है जो बंद है और विद्यायल परिसर में लगा हैंडपंप भी खराब है। खंड शिक्षा अधिकारी एसके गिरी के अनुसार स्कूल भवन खराब स्थिति में है। जर्जर और चार दीवारी विहीन स्कूलों के बारे में जानकारी जुटाई गई है। इस आधार पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। शासन से बजट मांगा जाएगा। 
 

क्लास रूम के फर्श में गहरे गड्ढे, खिड़की गिरी, टीचर हुई घायल 

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मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला
क्लास रूम का फर्श ईंटों के लिंटर का बना है। फर्श में गहरे गड्ढे हैं और जगह जगह से टूटा है, जिसकी मिट्टी बाहर निकल रही है। इन गड्ढों से छात्र परेशान हैं। बाहर बरामदे का फर्श तो इतना खराब है कि बच्चों को सिकुड़कर बैठना पड़ता है। स्कूल के क्लास रूम में खिड़कियां तो हैं लेकिन उनमें दरवाजे गायब हैं। केवल फ्रेम लगे हैं। सभी कमरों की यही हालत है। स्कूल स्टाफ ने बताया कि कार्यालय में खिड़की में लगा दरवाजा इतना क्षतिग्रस्त है कि चार दिन पहले दरवाजा टूटकर वहां बैठी शिक्षा मित्र के सिर पर गिरा जिससे वह भी घायल हो गई । 
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शौचालय बंद, हैंडपंप हैं खराब

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मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला
स्कूल में छात्र और छात्राओं के लिए 3 शौचालय बने हैं लेकिन तीनों जर्जर हैं। लिंटर और दरवाजे टूटे हैं। महीनों से ये ठप पडे़ हैं। स्कूल में लगा एक हैंडपंप भी खराब पड़ा है। छात्र-छात्राओं ने बताया कि उन्हें टायलेट के लिए भी बाहर अपने घर या पड़ोस में जाना पड़ता है। इसी तरह पानी पीने को भी छात्रों को बाहर ही जाना पड़ता है। 
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छुट्टी के बाद जुए का अड्डा 

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मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला
आसपास के लोगों ने बताया कि स्कूल की छुट्टी होते ही स्कूल परिसर में कंचे और जुए का खेल शुरू हो जाता है। कुछ युवक यहां आकर ताश खेलते हैं और जमकर शराब पी जाती है। स्कूल में चार दीवारी न  होने की वजह से स्कूल परिसर खुला हुआ है। इस वजह से किसी की रोक-टोक नहीं है।
 
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शिक्षामित्रों के भरोसे टिका स्कूल

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स्कूल में 250 छात्र नामांकित हैं। उन्हें पढ़ाने को पांच शिक्षा मित्र तैनात हैं। कोई भी नियमित शिक्षक यहां तैनात नहीं है। बताया गया कि इस स्कूल की हालत देखकर कोई भी शिक्षक यहां आना नहीं चाहता। दो शिक्षा मित्रों का भी यहां से तबादला हो गया है। ऐसे में अब यहां केवल तीन शिक्षा मित्र ही रह जाएंगी। 

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