जनता कर्फ्यू
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छपरौली से पांच बार विधायक रहे 88 वर्षीय नरेंद्र सिंह बताते हैं कि 1977 में इमरजेंसी लगी तो उस दिन भी सन्नाटा था। लोग डरे हुए थे। इसके बाद मेरठ में कई बार कर्फ्यू लगा पर एक साथ पूरा बंद कभी नहीं रहा। यदि जीवन बचाने के लिए ऐसा करना पड़ता है तो अच्छा है। लोग जागरूक नहीं हुए तो सब कुछ बर्बाद हो जाएगा।